[Nishaanebaz News] MP News: जबलपुर। कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थ नेहा पच्चीसिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने के खिलाफ दायर उनकी याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने मामले में प्रशासनिक आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका निरस्त कर दी।
जस्टिस विवेक कुमार सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि संबंधित आदेश प्रशासनिक प्रकृति का है, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता।
तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने को दी थी चुनौती
CSP नेहा पच्चीसिया ने कटनी पुलिस अधीक्षक द्वारा उनसे तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनके पास कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार था, जिसे बाद में वापस लेकर अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दिया गया।यह कार्रवाई उनके खिलाफ सामने आई शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बीच की गई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख कर प्रशासनिक आदेश पर राहत की मांग की थी।
ट्रांसपोर्टर ने लगाया था 30 हजार रुपए मांगने का आरोप
MP News: मामले की शुरुआत ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वाहन चेकिंग के दौरान उनके वैध रूप से परिवहन कर रहे हाईवा वाहनों को लेकर 30 हजार रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित तौर पर 25 हजार रुपये मौके पर लिए गए, जबकि बाकी 5 हजार रुपये अगले दिन ड्राइवर के माध्यम से दिए गए। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
CSP के ड्राइवर को किया गया था निलंबित
शिकायत के बाद कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने CSP के ड्राइवर कांस्टेबल केशव सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही CSP से तीन थानों का प्रभार भी वापस ले लिया गया।हालांकि, रिश्वत से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामले में विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है।
CSP के खिलाफ अन्य शिकायतों की भी जांच
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली के अलावा अन्य शिकायतें भी सामने आई हैं। इनमें चालान में देरी और हत्या के आरोपी से संबंधित शिकायत का मामला भी शामिल बताया जा रहा है।
इन सभी मामलों की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया
MP News: हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद फिलहाल CSP नेहा पच्चीसिया को इस मामले में न्यायालय से राहत नहीं मिली है। अदालत ने प्रशासनिक स्तर पर लिए गए निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।अब सभी की नजरें चल रही जांच और उसकी रिपोर्ट पर हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की विभागीय कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

