Ram Mandir CEO Selection: राम मंदिर CEO चयन: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में नए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद स्क्रीनिंग की गई और अब 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। राम मंदिर CEO चयन की इस प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और मंदिर की व्यवस्था को संभालने की सोच के साथ उम्मीदवारों से उनकी व्यक्तिगत और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाने की जानकारी सामने आई है।
राम मंदिर CEO चयन के लिए 5300 से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटाकर 54 की गई और आगे की प्रक्रिया के लिए 18 नाम चुने गए। अब इन्हीं उम्मीदवारों के इंटरव्यू के आधार पर अगले चरण के लिए नाम तय किए जाएंगे।इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे अधिकारी की तलाश करना है जो बड़े धार्मिक परिसर की प्रशासनिक और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से संभाल सके।
पहले दिन 8 उम्मीदवारों का इंटरव्यू
राम मंदिर CEO चयन के तहत मंगलवार को आमने-सामने इंटरव्यू की शुरुआत हुई। पहले दिन करीब 8 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया। इनमें पूर्व IAS, पूर्व IPS और सेना से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।इंटरव्यू अलग-अलग सत्रों में हुआ। प्रत्येक उम्मीदवार से करीब 25 से 30 मिनट तक बातचीत की गई। चयन समिति के साथ ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्णा मोहन की मौजूदगी की भी जानकारी है।
इंटरव्यू से पहले रामलला के दर्शन
राम मंदिर CEO चयन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति ने इंटरव्यू शुरू करने से पहले रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उम्मीदवारों के इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू हुई।चयन समिति उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता, मंदिर प्रबंधन को लेकर उनकी समझ और भविष्य की कार्ययोजना का आकलन कर रही है।
उम्मीदवारों से आस्था और खान-पान पर भी सवाल
राम मंदिर CEO चयन के इंटरव्यू को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों से केवल नौकरी और प्रशासन से जुड़े सवाल नहीं पूछे गए। उनसे धार्मिक मान्यताओं, खान-पान और राम मंदिर के प्रति उनके नजरिए से जुड़े सवाल भी पूछे गए।रिपोर्टों के मुताबिक ऑनलाइन फॉर्म में शिखा रखने, जनेऊ पहनने, शाकाहारी या मांसाहारी भोजन, शराब के सेवन और हिंदू परंपराओं के अनुसार जीवनशैली से जुड़े सवाल शामिल थे। हालांकि इन सवालों और उनके मूल्यांकन के बारे में ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
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34 पॉइंट का फॉर्म भी भरवाया गया
राम मंदिर CEO चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों से पहले एक विस्तृत ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें व्यक्तिगत और पेशेवर जानकारी के अलावा प्रशासनिक अनुभव, धार्मिक जुड़ाव और राम मंदिर को लेकर उनकी सोच से संबंधित सवाल पूछे गए।उम्मीदवारों से यह भी जानने की कोशिश की गई कि उन्होंने पहले कितनी बड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं और बड़ी संख्या में लोगों वाली व्यवस्था को मैनेज करने का उनका अनुभव कैसा रहा है।
प्रशासनिक अनुभव और विजन भी अहम
राम मंदिर CEO चयन में केवल व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की प्रशासनिक क्षमता भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंदिर में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन, कर्मचारियों की व्यवस्था, दान और चढ़ावे से जुड़े काम, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल जैसी जिम्मेदारियां CEO के लिए महत्वपूर्ण होंगी।इसी वजह से उम्मीदवारों से मंदिर के भविष्य और व्यवस्थाओं को लेकर उनके विजन पर भी सवाल किए गए।
चयन समिति बनाएगी तीन नामों का पैनल
राम मंदिर CEO चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति तीन उम्मीदवारों के नाम का पैनल तैयार करेगी। यह पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।इसके बाद ट्रस्ट इन नामों पर विचार करेगा और CEO की नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला करेगा। यानी चयन समिति की भूमिका शॉर्टलिस्टिंग और पैनल तैयार करने में अहम होगी, जबकि अंतिम निर्णय ट्रस्ट के स्तर पर होगा।
कौन हैं चयन समिति के सदस्य?
राम मंदिर CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े के शामिल होने की जानकारी दी गई है।यही समिति उम्मीदवारों के इंटरव्यू और उनके अनुभव का आकलन करके तीन नामों की सूची तैयार करेगी।
2 सितंबर को हो सकता है अंतिम फैसला
राम मंदिर CEO चयन को लेकर अंतिम तस्वीर सितंबर की शुरुआत में साफ होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार 2 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होनी है। इसी बैठक में चयन समिति की ओर से दिए गए नामों पर चर्चा हो सकती है।यदि ट्रस्ट किसी एक नाम पर सहमति बनाता है तो नए CEO की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट के अंतिम फैसले के बाद ही मानी जाएगी।
चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद बढ़ी जरूरत
राम मंदिर CEO चयन का फैसला मंदिर की व्यवस्थाओं को ज्यादा व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने की कोशिश से भी जोड़ा जा रहा है। मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।ऐसे में नए CEO से मंदिर की व्यवस्थाओं में बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और विभागों के बीच मजबूत तालमेल की उम्मीद की जा रही है।
अब 18 उम्मीदवारों से तीन नामों तक पहुंचेगी रेस
राम मंदिर CEO चयन अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां बड़ी संख्या में आए आवेदनों के बाद उम्मीदवारों की संख्या 18 तक सीमित हो गई है। इंटरव्यू और मूल्यांकन के बाद तीन नामों का पैनल तैयार होगा और इसके बाद ट्रस्ट अंतिम नाम पर फैसला करेगा।अब नजर इस बात पर है कि इन 18 उम्मीदवारों में से कौन चयन समिति की पसंद बनता है और आखिरकार राम मंदिर की बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी किस अधिकारी को मिलती है।

