[Nishaanebaz News] Morena News: मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना नगर निगम में गुरुवार को आयोजित परिषद की बैठक भारी हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुरू होते ही स्थगित करनी पड़ी। महापौर की अनुपस्थिति में हुई बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। भ्रष्टाचार के आरोपों और एक पत्र पर कथित हस्ताक्षरों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि सदन में तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई।
‘भ्रष्टाचार बंद करो, चंदा चोर गद्दी छोड़’ के लगे नारे
बैठक की शुरुआत के साथ ही विपक्षी पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। इस दौरान सदन में ‘भ्रष्टाचार बंद करो’ और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए गए। नारेबाजी के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते बैठक का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता गया।
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अभियाचित सम्मेलन के पत्र पर छिड़ा विवाद
Morena News: बैठक में सबसे ज्यादा विवाद नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना द्वारा अभियाचित सम्मेलन बुलाने की मांग को लेकर दिए गए पत्र पर हुआ। नेता प्रतिपक्ष का दावा था कि इस पत्र पर भाजपा के चार पार्षदों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
हालांकि, बैठक के दौरान संबंधित MIC सदस्यों ने इन हस्ताक्षरों को अपना मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला और गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई कि पत्र पर किए गए हस्ताक्षर वास्तविक हैं या नहीं।
नेता प्रतिपक्ष ने दी चुनौती
हस्ताक्षर विवाद पर नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने संबंधित पार्षदों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं तो वे इसकी पुष्टि करें। उन्होंने यहां तक चुनौती दी कि यदि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
वहीं, संबंधित पार्षद अपने दावे पर कायम रहे और उन्होंने पत्र पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ती चली गई और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
महापौर की गैरमौजूदगी में बैठक हुई स्थगित
Morena News: लगातार नारेबाजी, बहस और आरोप-प्रत्यारोप के चलते परिषद की बैठक की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। महापौर की अनुपस्थिति के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए आखिरकार बैठक स्थगित कर दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने मुरैना नगर निगम की अंदरूनी सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से चल रहा राजनीतिक टकराव अब हस्ताक्षर विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण और बढ़ता नजर आ रहा है।
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हस्ताक्षर विवाद के आगे बढ़ने के आसार
बैठक में सामने आए विवाद के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि कथित हस्ताक्षरों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है। यदि मामले की जांच कराई जाती है तो पत्र पर किए गए हस्ताक्षरों की वास्तविकता भी सामने आ सकती है।फिलहाल बैठक स्थगित होने के बाद नगर निगम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने के आसार हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।




