Higher Education MP: सिंगरौली। जिले के माड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय की जर्जर भवन व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। यहां अध्ययनरत करीब 150 छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। महाविद्यालय की छत और दीवारें काफी जर्जर हो चुकी हैं तथा कई स्थानों पर प्लास्टर झड़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज में पढ़ाई का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। भवन की हालत इतनी खराब है कि कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करना भी जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद छात्र-छात्राएं भविष्य की चिंता में अपनी जान जोखिम में डालकर नियमित रूप से कॉलेज पहुंच रहे हैं।
भवन की हालत खस्ता, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
Higher Education MP: महाविद्यालय की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और कई हिस्सों से प्लास्टर गिर रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है। विद्यार्थियों का कहना है कि हर दिन डर के साये में पढ़ाई करनी पड़ रही है, क्योंकि किसी भी समय भवन का कोई हिस्सा गिर सकता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से भवन की जर्जर स्थिति को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
भवन की खराब स्थिति के साथ-साथ महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। कई कक्षाओं में ब्लैकबोर्ड तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं परिसर की स्वच्छता व्यवस्था भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। छात्रों का कहना है कि साफ-सफाई और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
प्राचार्य बोले- कई बार भेजा प्रस्ताव, बजट नहीं मिला
Higher Education MP: महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति और आवश्यक सुविधाओं की कमी की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मरम्मत और अन्य विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भी भेजे गए हैं, लेकिन पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
प्राचार्य ने यह भी बताया कि महाविद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य जारी है और अनुमान है कि करीब दो वर्षों के भीतर यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद छात्रों को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
एसडीएम ने जांच का दिया आश्वासन
मामले को लेकर जब माड़ा एसडीएम से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय भवन की स्थिति की जांच कराई जाएगी और आवश्यकता के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के निर्देशों पर उठे सवाल
Higher Education MP: गौरतलब है कि जिला प्रशासन पहले ही जिले के जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद माड़ा शासकीय महाविद्यालय की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने संवेदनशील मामले में अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया।
छात्रों और स्थानीय लोगों की मांग
Higher Education MP: महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि कॉलेज भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक छात्रों के लिए किसी सुरक्षित वैकल्पिक भवन में कक्षाएं संचालित की जाएं, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
लगातार जर्जर होती इमारत और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों की सुरक्षा को भी गंभीर चिंता का विषय बना दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।




