Big Verdict by CG State Consumer Commission: रायपुर। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग रायपुर ने राजधानी रायपुर स्थित प्रतिष्ठित ‘VW Canyon’ होटल में ठहरे एक पर्यटक के बंद कमरे से गहने चोरी होने के मामले में उपभोक्ता के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आयोग ने होटल प्रबंधन को सुरक्षा में गंभीर लापरवाही और ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए पीड़ित ग्राहक को कुल 2,37,500 रुपये का मुआवजा भुगतान करने का कड़ा आदेश दिया है।
क्या था पूरा मामला?
राजस्थान के बीकानेर निवासी शिकायतकर्ता नरपत सिंह सेठिया अपने परिवार के साथ रायपुर आए थे और वीडब्ल्यू कैन्यन (VW Canyon) होटल में ठहरे थे। ठहरने के दौरान उनके कमरे से 2,02,500 रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण रहस्यमयी तरीके से चोरी हो गए थे।
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उपभोक्ता का आरोप: पीड़ित ने होटल प्रबंधन पर सुरक्षा में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
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होटल प्रबंधन का बचाव: होटल की ओर से तर्क दिया गया कि कमरे में सेफ/लॉकर की सुविधा मौजूद थी, जिसका उपयोग ग्राहक ने नहीं किया। इसके अलावा एफआईआर दर्ज कराने में दो दिन की देरी हुई और गहनों की रसीद भी प्रस्तुत नहीं की गई।
राज्य आयोग ने पलटा जिला आयोग का फैसला
जिला उपभोक्ता आयोग से राहत न मिलने के बाद मामला राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा। राज्य आयोग ने जिला आयोग के फैसले को निरस्त करते हुए स्पष्ट कहा कि होटल के बंद कमरे से आभूषणों का गायब होना सीधे तौर पर होटल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा खामी को दर्शाता है।
आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत वैध उपभोक्ता हैं और लॉकर का होना होटल प्रबंधन को अपनी बुनियादी सुरक्षा जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता।
मुआवजे और हर्जाने का पूरा ब्योरा
| मद / विवरण | आयोग द्वारा स्वीकृत राशि |
| चोरी हुए आभूषणों का वास्तविक मूल्य | ₹2,02,500 |
| मानसिक पीड़ा और क्षतिपूर्ति | ₹25,000 |
| वाद व्यय (विधिक खर्च) | ₹10,000 |
| कुल देय मुआवजा राशि | ₹2,37,500 |
60 दिनों का अल्टीमेटम, नहीं तो लगेगा 9% ब्याज
राज्य उपभोक्ता आयोग ने आदेश में सख्त रुख अपनाते हुए आदेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर संपूर्ण राशि का भुगतान करने का निर्देश होटल प्रबंधन को दिया है। तय समय सीमा के भीतर राशि का भुगतान न करने की स्थिति में होटल प्रबंधन को निर्णय की तिथि से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ पूरी रकम चुकानी होगी।
इस फैसले को होटल उद्योग के लिए ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है।




