MP News: कैंसर मरीजों के नाम पर छात्रों से फंड कलेक्शन का आरोप, केंद्रीय विद्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

Anuj Nirala

MP News: छिंदवाड़ा जिले के चौरई स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एक विवाद को लेकर चर्चा में है। केंद्रीय विद्यालय में छात्रों से फंड कलेक्शन का आरोप लगने के बाद अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। आरोप है कि कैंसर मरीजों की सहायता के नाम पर विद्यार्थियों को रसीद बुक देकर लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए कहा गया। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

बच्चों के हाथों में किताब नहीं, रसीद बुक देने का आरोप

केंद्रीय विद्यालय में छात्रों से फंड कलेक्शन का आरोप इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोप के मुताबिक शिक्षकों ने विद्यार्थियों को “कैंसर पेशेंट्स एड सोसायटी” की रसीद बुक दी और लोगों से सहयोग राशि एकत्र करने को कहा।अभिभावकों का कहना है कि स्कूल का पहला दायित्व बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। यदि बच्चों को पढ़ाई के बजाय चंदा जुटाने के काम में लगाया गया है तो यह गंभीर विषय है।

MP Health News: सर्पदंश और डॉग बाइट की जीवनरक्षक दवाओं का संकट, रीवा मेडिकल कॉलेज से दूसरे अस्पतालों को भेजी जा रही मदद

अभिभावकों ने उठाए कई सवाल

MP News: मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने सवाल उठाया कि क्या स्कूली छात्रों का उपयोग किसी भी प्रकार के फंड कलेक्शन अभियान में किया जाना उचित है? उनका कहना है कि सामाजिक संस्थाओं की मदद करना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए बच्चों को माध्यम बनाना सही नहीं माना जा सकता।केंद्रीय विद्यालय में छात्रों से फंड कलेक्शन का आरोप लगने के बाद कई अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

क्या ली गई थी प्रशासनिक अनुमति?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऐसा अभियान चलाया गया, तो क्या इसके लिए संबंधित अधिकारियों की अनुमति ली गई थी? क्या यह अभियान विद्यालय प्रशासन की जानकारी और स्वीकृति से संचालित हुआ या किसी बाहरी संस्था की पहल थी? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

Mandsaur Viral Video: पूर्व विधायक का कथित VIDEO वायरल, जमीन विवाद पर गरमाई सियासत

जांच के बाद साफ होगी स्थिति

MP News: फिलहाल केंद्रीय विद्यालय में छात्रों से फंड कलेक्शन का आरोप चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि यदि अभियान पूरी तरह नियमों के तहत चलाया गया है, तो विद्यालय प्रशासन को खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।अब सभी की नजर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर है कि इस मामले में क्या जांच होती है और क्या कार्रवाई की जाती है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *