Claude Chat Leak Truth: गूगल पर दिखने लगीं एंथ्रोपिक के Claude चैटबॉट की चैट्स; लीक नहीं, ‘शेयर’ फीचर बना प्राइवेसी के लिए खतरा

VIKASH KHALKHO

Claude Chat Leak Truth: विशेष प्रौद्योगिकी एवं साइबर सुरक्षा डेस्क। पिछले कुछ दिनों से टेक दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एंथ्रोपिक (Anthropic) के लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट Claude को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। रेडिट और एक्स (ट्विटर) पर कई ऐसे स्क्रीनशॉट्स शेयर किए गए हैं, जिनसे दावा किया गया कि Claude की प्राइवेट चैट्स गूगल सर्च पर आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।

सर्च रिजल्ट्स में जो चैट्स सामने आईं, उनमें लोगों के क्रिप्टो वॉलेट डिटेल्स, API कीज (API Keys), रेज्यूमे, लीगल सवाल और कंपनियों के गोपनीय दस्तावेज (Company Documents) तक शामिल थे। इस घटना के बाद कई यूज़र्स ने एंथ्रोपिक पर डेटा लीक और प्राइवेसी में बड़ी चूक का गंभीर आरोप लगाया।

क्या यह सचमुच कोई ‘डेटा लीक’ है?

तकनीकी विश्लेषण और एंथ्रोपिक के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि यह किसी भी तरह का डेटा लीक या सिस्टम हैक होने का मामला नहीं है।

  • प्राइवेट चैट्स अभी भी सुरक्षित: जिन यूज़र्स ने सामान्य रूप से Claude चैटबॉट का इस्तेमाल किया है और अपनी चैट्स को किसी के साथ साझा नहीं किया है, उनकी बातचीत पूरी तरह से प्राइवेट और सुरक्षित है।

  • पब्लिक शेयर फीचर की भूमिका: गूगल पर जो चैट्स दिखाई दे रही हैं, वे उन यूज़र्स से संबंधित हैं जिन्होंने स्वयं चैटबॉट के ‘Public Share’ (पब्लिक शेयर) फीचर का इस्तेमाल किया था। यह फीचर किसी भी बातचीत को एक पब्लिकली एक्सेसिबल (सार्वजनिक रूप से उपलब्ध) वेबपेज लिंक में बदल देता है।

गूगल सर्च तक कैसे पहुंचीं ये चैट्स? (तकनीकी वजह)

सवाल यह उठता है कि जब शेयर किया गया लिंक सिर्फ एक वेबपेज था, तो वह गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों के इंडेक्स में कैसे शामिल हुआ?

  1. URL का इंडेक्स होना: जब कोई यूजर शेयर बटन पर क्लिक करता है, तो चैटबॉट उस पूरी बातचीत का एक वेब लिंक बना देता है।

  2. सर्च इंजन बॉट्स की एंट्री: शुरुआत में कहा गया कि एंथ्रोपिक अपने शेयर्ड वेबपेज पर ‘noindex’ टैग लगाना भूल गया। हालांकि, बाद में सामने आया कि कंपनी ने सर्च इंजनों को शेयर्ड पेज क्रॉल करने से ब्लॉक तो किया था, लेकिन यह तरीका वेबपेज के URL को इंडेक्स होने से रोकने में पूरी तरह सक्षम नहीं था।

  3. सर्च में मौजूदगी: इसी तकनीकी खामी के कारण गूगल और बिंग जैसे सर्च इंजनों ने उन यूआरएल (URLs) को अपने सर्च रिजल्ट्स में सूचीबद्ध कर लिया, जिससे कोई भी सामान्य यूजर आसान सर्च क्वेरी डालकर उन चैट्स तक पहुंच सकता था।

अगर आप Claude यूजर हैं, तो क्या आपको चिंता करनी चाहिए?

  • अगर शेयर फीचर यूज नहीं किया: यदि आपने कभी शेयर बटन पर क्लिक नहीं किया है, तो आपको बिल्कुल भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

  • अगर शेयर फीचर यूज किया है: यदि आपने पहले किसी संवेदनशील बातचीत का लिंक क्रिएट किया था, तो आपको तुरंत उसे रिव्यू या डिलीट कर देना चाहिए।

गूगल और बिंग से लिंक हटाने का तरीका

मामला गरमाने के बाद एंथ्रोपिक और सर्च इंजनों ने इन पेजों को अपने सर्च रिजल्ट्स से हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, केवल गूगल सर्च से हटने का मतलब यह नहीं है कि लिंक बंद हो गया है। जिसके पास वह URL होगा, वह उसे अब भी देख सकता है।

अपनी पुरानी शेयर्ड चैट्स को हमेशा के लिए डिलीट करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:

  1. अपने Claude AI अकाउंट में लॉगिन करें।

  2. चैटबॉट की Settings (सेटिंग्स) में जाएं।

  3. Privacy Section (प्राइवेसी सेक्शन) पर क्लिक करें।

  4. वहां आपको Shared Chats का विकल्प दिखेगा।

  5. यहां जाकर अपनी सभी शेयर्ड चैट्स को रिव्यू करें और जिन चैट्स को आप हटाना चाहते हैं, उन्हें तुरंत Remove / Delete कर दें।

OpenAI के साथ भी घटी थी ऐसी ही घटना

सार्वजनिक रूप से शेयर्ड AI चैट्स का सर्च इंजन पर दिखने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले OpenAI (ChatGPT) ने भी एक एक्सपेरिमेंटल फीचर रोल आउट किया था, जिसके जरिए शेयर्ड कन्वर्सेशन को सर्च इंजन पर डिस्कवरेबल (खोजने योग्य) बनाया जा सकता था। हालांकि, जब संवेदनशील डेटा गूगल सर्च पर आने लगा, तो OpenAI ने भारी विरोध के बाद तुरंत उस फीचर को बंद कर दिया था।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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