Smart Meter Controversy: रायपुर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्मार्ट मीटर, E20 पेट्रोल और केंद्र सरकार की ओर से गठित टास्क फोर्स को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “अंधेर नगरी, चौपट राजा” जैसी स्थिति बन गई है और सरकार की नीतियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
Smart Meter Controversy: स्मार्ट मीटर को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि इसके लगने के बाद लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगवाना ऐच्छिक है और इसे अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता।
Smart Meter Controversy: सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
Smart Meter Controversy: भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप था कि पूरे सिस्टम में आरएसएस से जुड़े लोग बैठे हैं और सरकार की नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं को लागू करने वाली व्यवस्था ही सही ढंग से काम नहीं करेगी, तो आम लोगों को उनका लाभ नहीं मिल पाएगा।
Smart Meter Controversy: टास्क फोर्स गठन पर भी निशाना
Smart Meter Controversy: केंद्र सरकार द्वारा टास्क फोर्स गठित किए जाने पर भी बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल टास्क फोर्स बनाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय किए बिना आम जनता की परेशानियां कम नहीं होंगी।
Smart Meter Controversy: E20 पेट्रोल पर भी साधा निशाना
Smart Meter Controversy: E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच भूपेश बघेल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज प्रभावित हो रहा है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल ने लोगों की गाड़ियों का “सत्यानाश” कर दिया है।







