Tikamgarh News:जमील खान \टीकमगढ़ (जतारा)। टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत जतारा के अंतर्गत आने वाले बैरवार गांव में सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने के बाद से सड़क पर लगातार पानी जमा हो रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को घुटनों तक पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
जलभराव से ग्रामीणों का जनजीवन हुआ प्रभावित
Tikamgarh News: प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश के बाद पूरा मार्ग तालाब में तब्दील हो जाता है। लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, जबकि दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर हादसों का शिकार हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। मजबूर होकर उन्हें सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
एक घंटे तक थमा यातायात, लगी वाहनों की लंबी कतार
ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी लाइन लग गई। यात्री और वाहन चालक करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे
Tikamgarh News: सड़क जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार पलक कुमार जैन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द जलभराव की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया और सड़क से जाम हटाया, जिसके बाद यातायात फिर से सामान्य हो सका।
स्थायी समाधान की मांग
Tikamgarh News: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर वर्ष बारिश के मौसम में लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।फिलहाल प्रशासन ने समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है, लेकिन अब ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह आश्वासन कब तक धरातल पर उतरता है।







