[nishaanebaz.com] Rewa News: रीवा। संजय गांधी अस्पताल में एक बुजुर्ग मरीज को मृत घोषित किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। अस्पताल के मेडिसिन विभाग में उपचार के लिए आए सीधी जिले के बुजुर्ग मरीज को जूनियर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों को शव सुपुर्दगी की पर्ची तक दे दी गई। लेकिन जब परिजन मरीज को शव वाहन में रखने की तैयारी कर रहे थे, तभी उसमें हरकत दिखाई दी और बुजुर्ग के जीवित होने का पता चला। घटना सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले के विरोध में NSUI कार्यकर्ताओं ने संजय गांधी अस्पताल के मुख्य द्वार पर करीब तीन से चार घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। अब एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
मृत घोषित करने के बाद थमा दी शव सुपुर्दगी की पर्ची
बताया गया कि सीधी जिले से एक बुजुर्ग मरीज को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल लाया गया था। मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टर ने जांच के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों को शव सुपुर्दगी से संबंधित पर्ची भी दे दी गई।
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परिजन जब बुजुर्ग को शव वाहन में रखने की तैयारी कर रहे थे, तभी मरीज में हरकत होने लगी। इसके बाद परिजनों को पता चला कि जिसे मृत घोषित किया गया था, वह जीवित है। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।
मेडिसिन विभाग ने मानी बड़ी चूक
घटना की जानकारी सामने आने के बाद मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष ने माना कि मामले में सीनियर रेजिडेंट स्तर पर बड़ी चूक हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी।विभागाध्यक्ष के मुताबिक, जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बुजुर्ग मरीज को मृत घोषित करने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
NSUI ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर दिया धरना
घटना के बाद अस्पताल में लगातार सामने आ रहे विवादों और कथित लापरवाही के मामलों को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र नेता और कार्यकर्ता करीब तीन से चार घंटे तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे रहे।प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उन्हें अस्पताल के डीन या अधीक्षक से मुलाकात कराई जाए। NSUI का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए और डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
Rewa News: बुजुर्ग को जिंदा होते हुए मृत घोषित करने पर गरमाया मामला, NSUI का प्रदर्शन; पुलिस से नोकझोंक#RewaNews #SanjayGandhiHospital #NSUIProtest #ElderlyPatient pic.twitter.com/8bvthVGAa6
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अस्पताल के अंदर जाने पर पुलिस ने रोका, हुई नोकझोंक
धरने को देखते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया था। अमहिया थाना और चोरहटा थाना पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा CSP ऋतु उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचीं।प्रदर्शन के दौरान जब NSUI कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर के अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई और कुछ समय के लिए हल्की झड़प जैसी स्थिति भी बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
NSUI अध्यक्ष बोले- दबाव से डरने वाले नहीं
NSUI अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता किसी भी तरह के दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं।उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
गुरुवार को डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर फिर प्रदर्शन
NSUI अध्यक्ष ने कहा कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर दोबारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों की जांच और उपचार व्यवस्था को लेकर भी निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
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नए अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से की चर्चा
वहीं, हाल ही में नियुक्त अस्पताल अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि NSUI की प्रमुख मांगों में अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना शामिल है।अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि दोनों मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाएगा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल
संजय गांधी अस्पताल में हाल के दिनों में सामने आए अलग-अलग विवादों के बीच बुजुर्ग मरीज को मृत घोषित किए जाने की घटना ने एक बार फिर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में ला दिया है।हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि मरीज को मृत घोषित करने में किस स्तर पर चूक हुई। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध बढ़ता नजर आ रहा है।






