MP Cabinet News: लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने के फैसले के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। अब यह विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं संभालेंगे। फिलहाल लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने के पीछे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लिए जाने के बाद उनके पास अब केवल आनंद विभाग का प्रभार रह गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विभाग अब सीधे मुख्यमंत्री के अधीन रहेगा।
मुख्यमंत्री के पास पहुंचे 11 विभाग
इस फैसले के बाद लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस होने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास कुल 11 विभाग हो गए हैं। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय और अब पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी शामिल हैं।
फैसले की वजह पर बना हुआ है सस्पेंस
लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने के पीछे सरकार ने फिलहाल कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। इसी वजह से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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मंत्री लखन पटेल ने क्या कहा?
लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लिए जाने पर मंत्री लखन पटेल ने कहा कि विभाग देना और वापस लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह विभाग अपने पास रखा है और इस फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
क्या मंत्रिमंडल में हो सकता है बदलाव?
लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लिए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आने वाले समय में मंत्रिमंडल या विभागों के प्रभार में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सरकार की ओर से नहीं आया कोई अतिरिक्त बयान
फिलहाल लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने का फैसला ही आधिकारिक रूप से सामने आया है। इस निर्णय के कारणों और भविष्य में संभावित बदलावों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है। सरकार की ओर से आगे कोई सूचना जारी होने पर तस्वीर और साफ हो सकती है।







