Gwalior Crime News: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के कंपू थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मारपीट व अन्य मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आदतन अपराधी विशाल खरे को जब पुलिस पकड़ने पहुंची, तो वह सरकारी मल्टी की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया। इस हादसे में उसके हाथ-पैर टूट गए हैं और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी सुरक्षा में पुलिस बल तैनात है। हालांकि, घटना के बाद पुलिस और आरोपी पक्ष के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
घटना कंपू थाना क्षेत्र के गुढ़ा-गुढ़ी का नाका स्थित सरकारी मल्टी की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विशाल खरे पर मारपीट, अड़ीबाजी सहित कुल 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और उसके खिलाफ अदालत से दो गिरफ्तारी वारंट भी जारी थे।
-
पुलिस का पक्ष: जब पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने उसके ठिकाने पर पहुंची, तो वह पुलिस को देखते ही पीछे की ओर भागने लगा और बालकनी के पास लगे पाइप के सहारे नीचे उतरकर भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह दूसरी मंजिल से सीधे नीचे जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
-
आरोपी और परिजनों का आरोप: अस्पताल में भर्ती घायल विशाल खरे ने आरोप लगाया है कि उसने छलांग नहीं लगाई थी, बल्कि पुलिसकर्मियों ने उसे जानबूझकर दूसरी मंजिल से धक्का दे दिया। उसकी पत्नी मुस्कान और मां सुनीता ने भी पुलिस पर मारपीट करने और धक्का देने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
एएसपी जयराज कुबेर ने खारिज किए आरोप
पुलिस पर लगे आरोपों को ग्वालियर पुलिस प्रशासन ने सिरे से खारिज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयराज कुबेर ने स्पष्ट किया:
“पुलिस टीम केवल कोर्ट का वारंट तामील कराने गई थी। पुलिस को देखकर आरोपी विशाल भागने लगा और पाइप के सहारे उतरने के प्रयास में उसका संतुलन बिगड़ गया। धक्का देने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। फिलहाल घायल का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।”
पुलिस जहां इसे गिरफ्तारी से बचने के चक्कर में हुआ हादसा बता रही है, वहीं आरोपी का परिवार पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। मामले की वास्तविक सच्चाई जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।







