MP में बड़ा खुलासा! एक डॉक्टर, दो जिलों में नौकरी और दोनों जगह से वेतन, मचा हड़कंप

MP NHM Fake Doctor Case: एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी करने वाले डॉक्टरों का मामला सामने आया था, अब एक ऐसे मेडिकल ऑफिसर का मामला सामने आया है, जिस पर एक ही समय में दो अलग-अलग जिलों में पदस्थ रहने और दोनों जगह से वेतन लेने के आरोप लगे हैं। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला के तहत सामने आई जानकारी के अनुसार, मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा का नाम विवादों में आया है। बताया जा रहा है कि वे पहले श्योपुर जिले के विजयपुर ब्लॉक में सेवाएं दे रहे थे। इसके बाद वर्ष 2024-25 के दौरान उनकी शहडोल जिले के जयसिंहनगर विकासखंड स्थित उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी पदस्थापना हो गई।अब सवाल यह उठ रहा है कि एक ही समय में दोनों जिलों में उनकी सेवा कैसे दर्ज हुई और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

दोनों जगह से वेतन मिलने के आरोप
एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला में सबसे गंभीर आरोप यह है कि संबंधित डॉक्टर को दोनों स्थानों से वेतन मिलने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि नियमों के उल्लंघन का भी मामला बन सकता है।स्वास्थ्य विभाग अब पूरे रिकॉर्ड की जांच में जुट गया है।
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स्पेशल ड्यूटी भी लगती रही
एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला में यह भी सामने आया है कि दोनों जिलों में समय-समय पर डॉक्टर की विशेष ड्यूटी भी लगाई जाती रही। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि जब अधिकारी नियमित ड्यूटी और उपस्थिति की निगरानी करते हैं, तब इतनी बड़ी गड़बड़ी लंबे समय तक कैसे नजर नहीं आई।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रिकॉर्ड सही है तो पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय करनी होगी।

सीएमएचओ ने मांगी पूरी जानकारी
एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला सामने आने के बाद शहडोल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि श्योपुर जिले से डॉक्टर की सेवा पुस्तिका, पदस्थापना और वेतन भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे गए हैं।अधिकारियों का कहना है कि पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी तथ्यों की जांच जारी है।

पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी नियुक्ति के मामले
एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में राज्य के कई जिलों में फर्जी डिग्री और संदिग्ध पंजीयन के आधार पर नौकरी करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।अब इस नए मामले ने विभाग की निगरानी व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रिया पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
एमपी एनएचएम फर्जी डॉक्टर मामला में फिलहाल विभाग ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों और सेवा रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोहरी नियुक्ति कैसे हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ।यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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