Bilaspur Data Leak: बिलासपुर: बिलासपुर में लोगों के मोबाइल नंबर और निजी जानकारी खरीदकर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन पुलिस ने ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस की संचालिका उषा कश्यप समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने करीब एक लाख लोगों का मोबाइल डेटा सिर्फ 5 हजार रुपये में खरीदा था। इस डेटा का इस्तेमाल लोगों को पर्सनल लोन, होम लोन, बिजनेस लोन और वाहन लोन का लालच देकर कॉल करने के लिए किया जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की। बताया जा रहा है कि लोन ऑफर का कॉल बिलासपुर के आईजी तक भी पहुंचा था। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई और डेटा खरीद-बिक्री का खुलासा हुआ।
पूछताछ में आरोपी अमन राठौर ने बताया कि उसे यह डेटा शेख जुनैद खान देता था। वहीं, जुनैद ने बताया कि वह रियल एस्टेट के काम के बहाने लोगों से मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी जुटाता था। इसके अलावा सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और अन्य स्रोतों से भी नंबर इकट्ठा किए जाते थे। बाद में इनका डेटाबेस बनाकर बेचा जाता था।
Bilaspur Data Leak: पुलिस को शक है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है।
Bilaspur Data Leak: पुलिस की सलाह: किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को अपना मोबाइल नंबर, आधार, पैन, बैंक की जानकारी या ओटीपी साझा न करें। अगर कोई लोन या इनाम का लालच देकर जानकारी मांगे, तो पहले उसकी जांच करें। किसी भी साइबर ठगी की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में करें।







