Health Tips: आधुनिक जीवनशैली और खासकर दफ्तरों में काम करने वाले लोगों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और जरूरी खबर सामने आई है। डिजिटल दौर में लगातार स्क्रीन के सामने बैठकर काम करना हमारी सेहत को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुर्सी पर लगातार कई घंटे बिताने की यह आदत मोटापा, दिल की गंभीर बीमारियों और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक ताजा स्टडी ने अब इस समस्या का एक बेहद आसान और व्यावहारिक हल निकाला है, जिसे वैज्ञानिकों ने ‘मूवमेंट स्नैक’ का नाम दिया है।
हर घंटे पांच मिनट का वॉक ब्रेक है सबसे प्रभावी
डिजिटल हेल्थ एडिटर मिशेल रॉबर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई स्टडी में यह साफ किया गया है कि दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों को हर एक घंटे में कम से कम पांच मिनट का वॉक ब्रेक यानी टहलने का समय जरूर निकालना चाहिए। लीड रिसर्चर कीथ डियाज़ ने बीबीसी न्यूज़ को बताया कि आज के समय में अधिकांश लोग सोकर उठने के बाद अपने पूरे दिन का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा सिर्फ बैठकर ही गुजार देते हैं। रिसर्चर्स ने पाया कि हर घंटे सिर्फ पांच मिनट टहलने से न केवल शारीरिक सक्रियता बनी रहती है, बल्कि इससे कर्मचारियों के मूड में भी चमत्कारी सुधार होता है और उनकी मानसिक थकान काफी कम हो जाती है।
11 हजार कर्मचारियों पर की गई विस्तृत रिसर्च
इस वैज्ञानिक अध्ययन को पुख्ता करने के लिए अमेरिका के 11,000 से अधिक दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को शामिल किया गया था, जो रोजाना आठ से नौ घंटे की लंबी शिफ्ट करते हैं। रिसर्च के दौरान कर्मचारियों को अलग-अलग हफ्तों में आधे घंटे, एक घंटे और दो घंटे के अंतराल पर पांच-पांच मिनट का वॉक ब्रेक लेने को कहा गया। इसके परिणाम बड़े ही दिलचस्प रहे। हालांकि, हर आधे घंटे में टहलने से मूड तो अच्छा हुआ लेकिन उससे काम में थोड़ा व्यवधान आया। इसके विपरीत, हर घंटे पांच मिनट का ब्रेक लेने वाले कर्मचारियों के कामकाज की गुणवत्ता, फोकस, याददाश्त और सोचने की क्षमता में सबसे बड़ा सुधार दर्ज किया गया।
वॉक करने का मतलब काम रोकना नहीं
अक्सर कर्मचारियों में यह चिंता देखी जाती है कि काम के बीच में बार-बार ब्रेक लेने पर उनके बॉस या सहकर्मी इसे नकारात्मक रूप से देख सकते हैं। हालांकि, रिसर्चर कीथ डियाज़ ने इस भ्रम को दूर करते हुए कहा कि मूवमेंट ब्रेक वास्तव में कार्यक्षमता को घटाने के बजाय बढ़ाते हैं। उन्होंने एक बेहतरीन उपाय सुझाते हुए कहा कि टहलने के लिए काम रोकने की बिल्कुल जरूरत नहीं है; कर्मचारी चाहें तो जरूरी फोन कॉल्स पर बात करते हुए या किसी सहकर्मी के साथ वॉक-मीटिंग करते हुए भी इस पांच मिनट के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकते हैं।
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन ने दी सतर्क रहने की सलाह
इस बीच, ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की सीनियर कार्डियक नर्स एमिली मैक्ग्राथ ने भी इस रिसर्च का स्वागत किया है। उन्होंने सहमति जताते हुए कहा कि शरीर के छोटे-छोटे मूवमेंट भी हमारी सेहत को बड़ा फायदा पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने एक व्यावहारिक चेतावनी भी जोड़ी कि यह स्टडी फिलहाल कम समय के अनुभवों पर आधारित है, इसलिए हृदय स्वास्थ्य (हार्ट हेल्थ) पर इसके दीर्घकालिक और स्थाई सकारात्मक प्रभावों को पूरी तरह समझने के लिए अभी और लंबी रिसर्च की जरूरत बनी रहेगी।







