Chhattisgarh Craft Beer License: छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नई आबकारी व्यवस्था के तहत अब प्रदेश में माइक्रो ब्रुअरी खोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद ताजा यानी क्राफ्ट बीयर तैयार कर उसी परिसर में ग्राहकों को परोसी जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से होटल, रेस्तरां और पर्यटन क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस के तहत माइक्रो ब्रुअरी ऐसी इकाई होगी जहां सीमित मात्रा में बीयर तैयार की जाएगी। बड़े कारखानों की तरह यहां बड़े स्तर पर उत्पादन नहीं होगा।क्राफ्ट बीयर छोटे बैच में बनाई जाती है, इसलिए इसकी गुणवत्ता, स्वाद और ताजगी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसमें बेहतर माल्ट, हॉप्स और अन्य प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि इसका स्वाद सामान्य बीयर से अलग माना जाता है और इसमें कई तरह के फ्लेवर भी उपलब्ध रहते हैं।
लाइसेंस के लिए कितनी फीस देनी होगी?
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस लेने के लिए सरकार ने सालाना 10 लाख रुपये की लाइसेंस फीस तय की है। पहले यह फीस 25 लाख रुपये थी, जिसे अब कम कर दिया गया है।आवेदक को लाइसेंस फीस का 25 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षा राशि के रूप में जमा करना होगा। इससे छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए भी इस कारोबार में प्रवेश करना आसान हो सकता है।
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4 हजार वर्गफीट जगह होना जरूरी
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस के नए नियमों के अनुसार माइक्रो ब्रुअरी और उससे जुड़े रेस्तरां का कुल क्षेत्रफल कम से कम 4 हजार वर्गफीट होना चाहिए।इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा।
रोजाना 1000 लीटर तक बीयर बनाने की अनुमति
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस के तहत एक माइक्रो ब्रुअरी प्रतिदिन अधिकतम 1000 लीटर क्राफ्ट बीयर तैयार कर सकेगी।सरकार ने इस बीयर पर 60 रुपये प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क तय किया है। वहीं बाजार में एक गिलास क्राफ्ट बीयर की अनुमानित कीमत 250 से 300 रुपये तक हो सकती है। आबकारी विभाग जल्द ही लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
होटल और पर्यटन कारोबार को मिलेगा फायदा
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस लागू होने के बाद होटल, रेस्तरां और पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था से निवेश बढ़ सकता है और प्रदेश में नए रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।सरकार को लाइसेंस फीस और उत्पाद शुल्क के रूप में अतिरिक्त आय मिलेगी। इससे पर्यटन आधारित कारोबार को भी नई पहचान मिलने की संभावना है।
इन राज्यों में पहले से चल रही हैं माइक्रो ब्रुअरी
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस लागू होने के बाद प्रदेश भी उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां माइक्रो ब्रुअरी पहले से सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा जैसे राज्यों में यह मॉडल पहले से लोकप्रिय है। अब छत्तीसगढ़ भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
क्या बदल सकता है आगे?
छत्तीसगढ़ क्राफ्ट बीयर लाइसेंस लागू होने के बाद प्रदेश में प्रीमियम फूड और बेवरेज सेक्टर को बढ़ावा मिलने की संभावना है। यदि कारोबार सफल रहा तो आने वाले समय में निवेश, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं।







