Jabalpur Bhopal NH45 Bridge: जबलपुर। जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पर स्थित क्षतिग्रस्त रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में हो रही देरी को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने रेलवे और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) दोनों से विस्तृत जवाब तलब किया है।
Jabalpur Bhopal NH45 Bridge: सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रेलवे से पूछा कि जब तक पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक पौड़ी रेलवे गेट को आम लोगों की आवाजाही के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है। अदालत ने इस संबंध में स्पष्ट जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
Jabalpur Bhopal NH45 Bridge: रेलवे की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। वहीं MPRDC को भी निर्देशित किया गया है कि वह बताए कि पुल की मरम्मत का कार्य कब तक पूरा होगा और इसमें अब कितना समय लगेगा।
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एक साल बाद भी अधूरा है पुल का काम
Jabalpur Bhopal NH45 Bridge: गौरतलब है कि जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर रेलवे लाइन के ऊपर बना पुल लगभग एक वर्ष पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बावजूद अब तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका है। पुल बंद होने के कारण जबलपुर और भोपाल के बीच आने-जाने वाले हजारों लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी अतिरिक्त खपत हो रही है। कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी लगातार बनी हुई है।
स्थानीय निवासी ने लगाई जनहित याचिका
Jabalpur Bhopal NH45 Bridge: इस मामले में शहपुरा निवासी राजेश सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आम नागरिकों की परेशानियों का मुद्दा उठाया है। याचिका में मांग की गई है कि पुल की मरम्मत पूरी होने तक पौड़ी रेलवे क्रॉसिंग का एक गेट खोला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और अनावश्यक लंबा चक्कर लगाने से बचाया जा सके।
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2 जुलाई को अगली सुनवाई
Jabalpur Bhopal NH45 Bridge: हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 तय की है। इस दिन रेलवे और MPRDC को अपने जवाब के साथ यह भी स्पष्ट करना होगा कि पुल की मरम्मत का कार्य कब तक पूरा होगा और आम लोगों को आवागमन की सुविधा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।







