Singrauli School Entry Order:सिंगरौली स्कूल प्रवेश आदेश के तहत मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कविता त्रिपाठी ने नया निर्देश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार अब किसी भी पत्रकार या सामान्य नागरिक को सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना शासकीय स्कूलों में निरीक्षण या अन्य उद्देश्य से प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
सिंगरौली स्कूल प्रवेश आदेश जारी करने के पीछे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने बताया कि कई शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों ने शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि बिना किसी अधिकृत अनुमति के कुछ पत्रकार और सामान्य नागरिक स्कूलों में पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं।प्राचार्यों का कहना था कि इससे स्कूल का नियमित काम प्रभावित हो रहा है और शासकीय कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
आदेश में क्या कहा गया है?
सिंगरौली स्कूल प्रवेश आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति किसी भी पत्रकार या सामान्य नागरिक को स्कूल परिसर में निरीक्षण की अनुमति नहीं दी जाएगी।शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम स्कूलों की नियमित व्यवस्था बनाए रखने और शासकीय कार्यों में अनावश्यक बाधा रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सभी सरकारी स्कूलों को दिए गए निर्देश
सिंगरौली स्कूल प्रवेश आदेश के तहत जिले के सभी शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का पालन सुनिश्चित करें। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल पहुंचता है तो निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
Read more: MP Weather Alert : अल-नीनो इफेक्ट से मानसून की चाल फिर धीमी! 45 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट
आदेश के बाद शुरू हुई चर्चा
सिंगरौली स्कूल प्रवेश आदेश जारी होने के बाद इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सूचना जुटाने की प्रक्रिया पर असर डालने वाला निर्णय बता रहे हैं। इस संबंध में अलग-अलग पक्ष अपनी राय रख रहे हैं।
प्रशासन का उद्देश्य क्या है?
सिंगरौली स्कूल प्रवेश आदेश का उद्देश्य शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूलों में पढ़ाई और प्रशासनिक कार्यों को बिना व्यवधान जारी रखना है। विभाग का कहना है कि अधिकृत अनुमति के बाद ही निरीक्षण या अन्य गतिविधियां की जाएंगी, ताकि स्कूलों का सामान्य संचालन प्रभावित न हो।







