Ram Mandir Donation Theft Investigation: राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) लगातार यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर में दान, चढ़ावा और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी किन-किन लोगों के पास थी। जांच का मकसद पूरी प्रक्रिया की सच्चाई सामने लाना और जवाबदेही तय करना है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच के दौरान दो नामों को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। इनमें मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और मंदिर कर्मचारी टिन्नू यादव शामिल हैं।जांच से जुड़े तथ्यों के अनुसार, टिन्नू यादव श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था और चढ़ावे से जुड़ी व्यवस्थाओं में भूमिका निभा रहे थे। वहीं चंपत राय मंदिर और ट्रस्ट के विभिन्न प्रशासनिक मामलों की जानकारी रखते थे। SIT सभी पहलुओं की जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को परख रही है।
चढ़ावे की तस्वीरों और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच में SIT पुराने रिकॉर्ड, उपलब्ध दस्तावेजों और चढ़ावे से जुड़ी तस्वीरों का भी अध्ययन कर रही है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मंदिर को बड़ी संख्या में मिले दान और बहुमूल्य वस्तुओं की जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।जांच एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि दान में मिली वस्तुओं का रिकॉर्ड किस तरह रखा गया और उसमें कहीं कोई कमी तो नहीं रही।
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60 किलो चांदी की शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच में एक महत्वपूर्ण पहलू चांदी की शिलाओं और अन्य आभूषणों से जुड़ा हुआ है। ज्वेलर्स एसोसिएशन का दावा है कि प्राण प्रतिष्ठा के समय करीब 60 किलो चांदी की शिलाएं मंदिर ट्रस्ट को दी गई थीं, लेकिन जांच के दौरान इनसे जुड़ा स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात सामने आई है।इसके अलावा कुछ श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए जेवर और आभूषणों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की सूची तलब
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच के तहत SIT ने मंदिर प्रशासन से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी मांगी है, जो लंबे समय से मंदिर की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं।साथ ही नकदी गिनने, दान की राशि संभालने और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बैंक कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्था की भी जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच केवल मंदिर कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि दान राशि की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने और बैंक प्रक्रिया में तय नियमों का पालन हुआ था या नहीं।यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
श्रद्धालुओं की उम्मीद, जल्द सामने आएगा पूरा सच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच को लेकर श्रद्धालुओं और दानदाताओं की नजर जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। कई दानदाताओं ने कहा है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं ताकि चढ़ावे और दान से जुड़े हर सवाल का जवाब मिल सके।फिलहाल SIT एक-एक दस्तावेज, बयान और रिकॉर्ड को जोड़कर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किसकी क्या भूमिका रही और आगे क्या कार्रवाई होगी।









