Operation Aghat 2026: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/खरसिया: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत चौकी खरसिया पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने केवल गांजा परिवहन करने वाले वाहकों तक सीमित न रहकर एंड-टू-एंड जांच करते हुए इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की मुख्य सप्लायर महिला को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपिया सुभद्रा उर्फ मामी मलिक (41 वर्ष), जिला कंधमाल (ओडिशा) की रहने वाली है, जिसे एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत जेल भेज दिया गया है।
अप्रैल में पकड़े गए तस्करों ने उगला था राज
इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा 22 अप्रैल 2026 को हुआ था, जब खरसिया पुलिस और साइबर टीम ने रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर ओडिशा के तीन अंतरराज्यीय तस्करों दिनेश कुमार बेहरा, शिवा बेहरा और देवी प्रसाद कंहर को दबोचा था। चेकिंग के डर से ट्रेन छोड़कर खरसिया स्टेशन पर उतरे इन आरोपियों के पास से पुलिस ने कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 लाख 62 हजार रुपये आंकी गई थी। कड़ाई से की गई पूछताछ और मेमोरेंडम कथन में तीनों आरोपियों ने कबूल किया था कि यह खेप उन्हें संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास ‘मामी मलिक’ नाम की महिला ने दी थी, जिसे मध्य प्रदेश के बीना (सागर) पहुंचाना था।
तकनीकी जांच के बाद ओडिशा के कंधमाल में दी दबिश
आरोपियों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी व साइबर जांच करने पर पुलिस को पता चला कि यह नंबर सुभद्रा दिगल उर्फ मामी मलिक के नाम पर दर्ज है। इसके बाद चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विधिवत अनुमति लेकर ओडिशा के कंधमाल जिले के थाना गोच्छापाड़ा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपिया सुभद्रा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसी ने संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास तस्करों को गांजा उपलब्ध कराया था। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल वीवो वी-60 टच स्क्रीन मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
“पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करेगी रायगढ़ पुलिस”
इस अंतरराज्यीय सफलता पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन आघात’ का मुख्य लक्ष्य सिर्फ गांजा पकड़ना नहीं, बल्कि उसके सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, रिसीवर और इसके जरिए वित्तीय लाभ कमाने वाले पूरे तंत्र को जड़ से उखाड़ फेंकना है। उन्होंने साफ किया कि नशे के कारोबारियों के लिए रायगढ़ जिला कभी भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई में एएसआई मनोज पटेल, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज और आरक्षक धनंजय कश्यप व टीम की मुख्य भूमिका रही।









