Surajpur Police Attacked: सूरजपुर में खाकी पर हमला, प्रतापपुर में डायल 112 के आरक्षक निशांत टोप्पो को ग्रामीणों ने बेरहमी से पीटा

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Surajpur Police Attacked: सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता की मदद के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहने वाली आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ के एक आरक्षक पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया है। ड्यूटी के दौरान हुए इस अचानक और बर्बर हमले में आरक्षक निशांत टोप्पो को ग्रामीणों की भारी भीड़ ने घेरकर बेदम होने तक पीटा है। इस हमले में आरक्षक को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में भारी आक्रोश और इलाके में तनाव का माहौल है।

ऑन-ड्यूटी आरक्षक को भीड़ ने बनाया निशाना

मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरक्षक निशांत टोप्पो शनिवार (19 जून 2026) को प्रतापपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके में डायल 112 वाहन के साथ अपनी शासकीय ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ वहां इकट्ठा हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उग्र ग्रामीणों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए आरक्षक निशांत टोप्पो को चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ ने आरक्षक पर लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला कर दिया।

लहूलुहान हालत में अस्पताल में कराया गया भर्ती

हमले के दौरान मौके पर मौजूद अन्य स्टाफ ने जैसे-तैसे बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों के भारी आक्रोश के आगे वे बेबस नजर आए। भीड़ द्वारा बेदम पिटाई किए जाने के कारण आरक्षक निशांत टोप्पो जमीन पर गिरकर लहूलुहान हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ग्रामीण मौके से फरार हो गए। घायल आरक्षक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक आरक्षक के सिर और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की छापेमारी शुरू

खाकी पर हुए इस सीधे और जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही प्रतापपुर थाना प्रभारी सहित पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के चश्मदीदों से पूछताछ शुरू कर दी है और हमलावर ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। सूरजपुर पुलिस प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑन-ड्यूटी शासकीय कर्मचारी और पुलिसकर्मी पर हमला अक्षम्य अपराध है। हमले में शामिल मुख्य आरोपियों और उकसाने वाले तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए गांवों में दबिश दी जा रही है।

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