Bhopal Crime News: भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में हाई-टेक पुलिसिंग के बड़े दावों के साथ ‘कमिशनर प्रणाली’ लागू होने के बावजूद अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। आलम यह है कि पिछले दो महीनों के भीतर ही शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अपहरण, मंगलसूत्र व चैन स्नैचिंग, मोबाइल झपटमारी और दिनदहाड़े लूट की दर्जनों सनसनीखेज वारदातें सामने आ चुकी हैं। लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि स्थानीय पुलिस मुस्तैदी दिखाने के बजाय राजधानी के 14 चिन्हित मुख्य चौराहों पर केवल हेलमेट और सीट बेल्ट के चालान काटने में ज्यादा व्यस्त नजर आ रही है।
राह चलती महिलाओं और डॉक्टरों को भी बना रहे निशाना
प्रशासनिक और पुलिसिया लापरवाही के कारण भोपाल के विभिन्न इलाकों में आपराधिक ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है। अब बेखौफ घूम रहे लुटेरे और कट्टाधारी बदमाश राह चलती महिलाओं, बुजुर्गों और यहां तक कि डॉक्टरों तक को अपना निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सरेराह होने वाली इन वारदातों से शहरवासियों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस का मुख्य फोकस केवल चलानी कार्रवाई के जरिए राजस्व या आंकड़े जुटाने पर सिमट गया है, जबकि गश्त और मुख्य सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे चल रही है।
एडिशनल CP शैलेंद्र सिंह चौहान का दावा: एक्टिव हुआ ‘माइक्रो बीट सिस्टम’
इन बढ़ती वारदातों और पुलिस की शिथिलता पर चौतरफा घिरने के बाद भोपाल के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (Additional CP) शैलेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस का पक्ष रखते हुए सफाई दी है। उन्होंने बताया कि राजधानी की सुरक्षा को नए सिरे से चुस्त-दुरुस्त किया जा रहा है। इसके लिए सभी थानों में विशेष ‘माइक्रो बीट सिस्टम’ प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम के तहत सभी संबंधित बीट प्रभारियों को उनके क्षेत्र के रिकॉर्डेड (पुराने और आदतन) बदमाशों की एक सूची सौंपी गई है, ताकि उनकी दैनिक गतिविधियों और संदिग्ध मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा सके।
कड़ियों को जोड़ रही पुलिस, अपनों के शामिल होने का शक
एडिशनल सीपी चौहान ने आगे कहा कि हाल ही में हुई लूटपाट और चोरी की घटनाओं के पैटर्न (तरीके) का बारीकी से विश्लेषण किया गया है, जिसके आधार पर कुछ संदिग्ध गिरोहों और आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात भी सामने आई है कि कई वारदातों में पीड़ितों के बेहद करीबी या परिचित लोग ही मुखबिरी और साजिश में शामिल रहे हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि वाहनों की चेकिंग के साथ साथ पुलिस थानों को पेट्रोलिंग बढ़ाने और रात में गुंडा-बदमाशों की धरपकड़ तेज करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।









