Shahdol Forest News: शहडोल (मध्य प्रदेश): शहडोल जिले में अवैध उत्खनन, कटाई और वन अपराधों के खिलाफ मुस्तैदी से डटे वन विभाग के अमले पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात नियमित रात्रिकालीन गश्त (Night Patrolling) पर निकली वन विभाग की टीमों को निशाना बनाकर दो अलग-अलग स्थानों पर हिंसक वारदातों को अंजाम दिया गया। एक ओर जहां दो बाइक सवार बदमाशों ने वनकर्मियों के साथ जमकर मारपीट की और एक कर्मचारी को बाइक से घसीटने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के सरकारी वाहन पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इन घटनाओं से वन विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है।
पहली घटना: माचिस मांगने के बहाने रोका, फिर किया जानलेवा हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वनमंडल दक्षिण शहडोल की एक नियमित गश्ती टीम मंगलवार-बुधवार की रात जंगलों की सुरक्षा का जायजा लेकर लौट रही थी। इसी दौरान सिंहपुर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवकों ने वन विभाग के कर्मचारियों को हाथ देकर रुकवाया। रुकते ही बदमाशों ने पहले माचिस मांगने का बहाना बनाया और जैसे ही कर्मचारी कुछ समझ पाते, आरोपियों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने बर्बरता की हदें पार करते हुए एक वनकर्मी का गला दबोच लिया और उसे अपनी चलती बाइक के साथ घसीटने का जानलेवा प्रयास किया। दोनों वनकर्मियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए किसी तरह खुद को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया, जिसके बाद पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
दूसरी घटना: निपानिया मार्ग पर गश्ती वाहन को बनाया निशाना
अभी इस हमले की खबर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच ही रही थी कि बैजौरी क्षेत्र के अंतर्गत निपानिया-जरवाही मार्ग पर दूसरी वारदात की सूचना आ गई। यहाँ जंगलों में मुस्तैद वन विभाग की फ्लाइंग स्क्वाड और गश्ती टीम के सरकारी वाहन को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने घेरकर निशाना बनाया। इस हमले में पत्थरों और लाठियों से प्रहार कर शासकीय वाहन को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि हाल के दिनों में वन माफियाओं, अवैध शिकार और बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी के खिलाफ जो कड़ी कार्रवाई की गई है, यह हमला उसी से बौखलाए तत्वों की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, अतिरिक्त सुरक्षा की मांग
गंभीर रूप से घायल वनकर्मियों को प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद मामले की लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई गई है। कोतवाली थाना पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट और जानलेवा हमला करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर संदिग्धों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी हैं। इधर, वन कर्मचारी संघ ने जिले में लगातार बढ़ती इन हिंसक घटनाओं पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से संवेदनशील वन क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त के दौरान सशस्त्र पुलिस बल या अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।









