Friday, September 11, 2026
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Chhattisgarh Shaurya Chakra: छत्तीसगढ़ के तीन जवानों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में ‘शौर्य चक्र’ से किया सम्मानित।

Chhattisgarh Shaurya Chakra: रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन जांबाज जवानों को आज देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित वीरता सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से अलंकृत किया गया है। असम राइफल्स में पदस्थ राज्य के वीर जवान भोजराम साहू को मणिपुर में खतरनाक आतंकियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में अदम्य साहस और अद्वितीय वीरता प्रदर्शित करने के लिए यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया है। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी जान की परवाह न करते हुए नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले राज्य पुलिस के जांबाज निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख भी इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किए गए हैं।

गोली लगने के बाद भी आतंकियों पर बरसते रहे भोजराम

असम राइफल्स के वीर जवान भोजराम साहू ने इस ऐतिहासिक क्षण को साझा करते हुए बताया कि पंद्रह नवंबर दो हजार चौबीस को मणिपुर के टेंगनोपाल इलाके में भारी हथियारों से लैस आतंकियों के घुसने की खुफिया सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद करीब साढ़े नौ बजे सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। इस गोलीबारी के दौरान भोजराम साहू को आतंकियों की एक गोली भी लगी, लेकिन इस गंभीर स्थिति में भी उनका हौसला बिल्कुल नहीं टूटा। उन्होंने देश की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई में अपनी फायरिंग को एक पल के लिए भी नहीं रोका। इसके परिणामस्वरूप आतंकियों को मैदान छोड़कर भागना पड़ा और इस पूरी कार्रवाई में तीन खूंखार आतंकी ढेर हुए थे।

बालोद और कांकेर जिले में जश्न का माहौल

वीर जवान भोजराम साहू मूल रूप से बालोद जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड डौंडी के अंतर्गत आने वाले एक छोटे से गांव ढोर्रीठेमा के रहने वाले हैं, जो वर्तमान में असम राइफल्स में देश सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा नक्सल मोर्चे पर सफलता का परचम लहराने वाले दोनों पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख की इस बड़ी उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। इस गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक पल को लेकर कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल आकाश राखेचा ने अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह कांकेर पुलिस के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान और गर्व का विषय है।

आने वाले समय में पुलिस बल के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे वीर

पुलिस अधीक्षक ने अपने बयान में आगे कहा कि कांकेर जैसे चुनौतीपूर्ण और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले जिले में रहकर हमारे जांबाज निरीक्षकों ने जिस उत्कृष्ट और साहसिक कार्य को अंजाम दिया है, वह सराहनीय है। महामहिम राष्ट्रपति द्वारा दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान आने वाले समय में पूरे छत्तीसगढ़ के पुलिस बल और नए जवानों के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणा स्रोत साबित होगा। इस खबर के सामने आते ही बालोद और कांकेर जिले सहित तीनों जवानों के गृह ग्रामों में खुशियों का माहौल है और स्थानीय ग्रामीण अपने वीर बेटों की इस अदम्य बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं। अंततः यह सम्मान राज्य में सुरक्षा बलों के मनोबल को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

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