Gold Silver Price: नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज सोने और चांदी के दामों में एक बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार चौबीस कैरेट सोने का दाम आज तीन हजार चार सौ सत्तर रुपये गिर गया है। इसके परिणामस्वरूप अब दस ग्राम सोने की कीमत एक दशमलव इक्यावन लाख रुपये हो गई है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत भी पंद्रह हजार सात सौ अड़तालीस रुपये कम होकर दो दशमलव इकतालीस लाख रुपये पर आ गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते लोग मार्केट से पैसा निकालकर अपने पास कैश रख रहे हैं।
ऑलटाइम हाई से बेहद नीचे आई चांदी की कीमत
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले साल इकतीस दिसंबर को सोने के दाम एक दशमलव तेतीस लाख रुपये थे। इसके अलावा जनवरी में यह बढ़कर एक दशमलव छिहत्तर लाख रुपये के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से लेकर अब तक सोना लगभग पच्चीस हजार रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी की कीमत भी जनवरी में तीन दशमलव सियासी लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। यही कारण है कि तब से अब तक केवल एक सौ तीस दिनों के भीतर चांदी एक दशमलव पैंतालीस लाख रुपये सस्ती हो गई है।
मेटल को छोड़कर अब केवल कैश पर बढ़ा भरोसा
आमतौर पर जंग के माहौल में सोने और चांदी के दाम तेजी से बढ़ते हैं। हालांकि इस बार सर्राफा बाजार की स्थिति थोड़ी अलग नजर आ रही है। मिडिल ईस्ट जंग के कारण बड़े निवेशक इस समय बाजार में कोई जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को लगातार बेचकर कैश इकट्ठा करने में जुटे हैं। इसके साथ ही वे चाहते हैं कि अनिश्चितता के इस कठिन समय में उनके पास लिक्विड मनी बनी रहे। यही कारण है कि बाजार में कीमती धातुओं की बिकवाली का दबाव बेहद ज्यादा बढ़ गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग हावी
जनवरी के महीने में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। इसके विपरीत मुनाफे को देखते हुए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग को बेचना शुरू कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप बाजार में अचानक सोने-चांदी की सप्लाई बहुत ज्यादा बढ़ गई। यही मुख्य वजह है कि कीमती धातुओं की कीमतें लगातार नीचे गिरती चली गईं। हालांकि इस गिरावट से आम खरीदारों को शादी-ब्याह के सीजन में थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। अंततः वैश्विक हालातों में सुधार होने के बाद ही सर्राफा बाजार में फिर से स्थिरता आने की संभावना जताई जा रही है।









