Indore BJP RSS Dispute: इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात भारतीय जनता पार्टी के एक रसूखदार नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक के बीच हिंसक झड़प का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आवारा कुत्ते को खाना खिलाने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ यह विवाद कुछ ही देर में खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाने और गंभीर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले के राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ते ही भाजपा संगठन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी नेता वीरेंद्र शेडगे को उनके सभी सांगठनिक दायित्वों और पदों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की देर रात भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे और संघ से जुड़े चेतन नामक व्यक्ति के बीच सड़क पर कुत्ते को भोजन देने की बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से गाली-गलौज के बाद बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर मारपीट हुई। घटना से आक्रोशित संघ स्वयंसेवक चेतन और उनके सहयोगियों ने रविवार सुबह भारी संख्या में अन्नपूर्णा थाने का घेराव कर दिया और भाजपा नेता व उनके साथियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
घर पर पथराव का आरोप, घायलों का कराया गया मेडिकल
दूसरी ओर, पदमुक्त किए गए भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए प्रतिवाद किया है। शेडगे का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद संघ कार्यकर्ता के पक्ष से जुड़े दर्जनों लोगों ने उनके निजी आवास पर आकर योजनाबद्ध तरीके से पथराव किया, जिससे उनके परिवार में दहशत का माहौल बन गया। उन्होंने भी इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। अन्नपूर्णा थाना पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही पक्षों की ओर से काउंटर शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। झड़प में घायल हुए लोगों का शासकीय अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
विवादों से पुराना नाता, तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
इस पूरे घटनाक्रम ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेडगे को पद से हटाने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया। संगठन ने शेडगे को इस कृत्य के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र शेडगे का विवादों से पुराना नाता रहा है; इससे पहले भी वे महू नाका चौराहे पर ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ सरेराह बदसलूकी और गाली-गलौज करने के मामले में सुर्खियों में आ चुके हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।








