MP Monsoon Alert: शाजापुर। रोहिणी नक्षत्र के नौतपा के आठवें दिन सोमवार को शाजापुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से जारी चिलचिलाती धूप, उमस और भीषण गर्मी से बेहाल नागरिकों को दोपहर बाद तेज आंधी और झमाझम बारिश से बड़ी राहत तो मिली, लेकिन इस पहली ही बारिश ने स्थानीय नगर परिषद और प्रशासनिक दावों की कलई खोलकर रख दी। तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ शुरू हुई इस बारिश के चलते जहाँ नर्मदापुरम में आधे घंटे तक जनजीवन थमा रहा, वहीं शाजापुर और मक्सी के कई इलाकों में जलभराव, बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने और पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह चरमरा गया।
पुराने एबी रोड पर भरा समंदर जैसा पानी, ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल
बारिश शुरू होते ही शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार पुराने एबी रोड स्थित पशु चिकित्सालय के सामने मुख्य सड़क देखते ही देखते तालाब में तब्दील हो गई। जल निकासी (ड्रेनेज) की कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को गहरे पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ा। कई दुपहिया वाहन पानी भरने से बीच सड़क पर ही बंद हो गए, जिससे राहगीरों को भारी कोफ्त उठानी पड़ी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद ने मानसून पूर्व नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की है, जिसकी हकीकत पहली ही फुहार में सबके सामने आ गई।
मक्सी में आंधी का तांडव: बीएसएनएल टावर और बिजली के खंभे झुके
शाजापुर के समीपस्थ मक्सी क्षेत्र में आंधी-तूफान का सबसे भयंकर असर देखने को मिला। यहाँ चक्रवाती हवाओं के दबाव के कारण कई बाइक सवार असंतुलित होकर सड़कों पर गिर पड़े। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बिजली के मुख्य सप्लाई तार काफी नीचे तक लटक गए और बीएसएनएल (BSNL) का एक विशाल मोबाइल टावर एक ओर खतरनाक ढंग से झुक गया, जिससे बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों की बिजली आपूर्ति तुरंत काट दी गई, जिससे क्षेत्र में घंटों ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही।
शाजापुर-बेरछा मार्ग पर पेड़ गिरने से लगा लंबा जाम, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
दूसरी ओर, शाजापुर-बेरछा मुख्य मार्ग पर तेज बारिश और हवा के झोंकों को न सह पाने के कारण एक विशालकाय हरा-भरा पेड़ अचानक बीच सड़क पर आ गिरा। पेड़ गिरने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और अंतरजिला यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें कटर मशीनों के साथ मौके पर पहुंचीं। युद्धस्तर पर की गई कार्रवाई और पेड़ की टहनियों को हटाने के बाद ही इस मार्ग पर आवागमन दोबारा बहाल कराया जा सका। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून की मुख्य झड़ी लगने से पहले इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में शाजापुर की स्थिति और अधिक बदतर हो सकती है।









