MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शहरी निकायों में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए भोपाल सहित 13 नगर निगमों में कुल 108 एल्डरमैन (नामनिर्दिष्ट पार्षद) नियुक्त किए हैं। ये एल्डरमैन नगर निगम परिषद की बैठकों में भाग लेकर जनहित से जुड़े मुद्दे उठाएंगे, विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे और अपनी राय रख सकेंगे। हालांकि, इन्हें किसी प्रकार के वित्तीय या बजटीय अधिकार नहीं दिए गए हैं।
नगर निगम बैठकों में निभाएंगे अहम भूमिका
एल्डरमैन नगर निगम परिषद का हिस्सा होंगे और बैठकों में स्थानीय विकास, नागरिक सुविधाओं, पेयजल, सड़क, सफाई और अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकेंगे। वे परिषद के समक्ष सवाल भी उठा सकेंगे और प्रस्तावों पर सुझाव दे सकेंगे।हालांकि, विकास कार्यों के लिए धन स्वीकृत करने या किसी परियोजना पर वित्तीय निर्णय लेने का अधिकार उनके पास नहीं होगा।
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बजट नहीं, लेकिन जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार
भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के अनुसार, एल्डरमैन के लिए अलग से किसी बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। उनका मुख्य दायित्व परिषद की कार्यवाही में भाग लेना और नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना होगा।
भोपाल नगर निगम में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण
MP News: भोपाल नगर निगम में फिलहाल 85 वार्ड हैं। वर्तमान परिषद में भाजपा के 62, कांग्रेस के 22 और एक निर्दलीय पार्षद हैं।अब 12 एल्डरमैन की नियुक्ति के बाद परिषद में भाजपा समर्थित सदस्यों की संख्या बढ़कर 74 हो जाएगी। इससे परिषद में भाजपा की स्थिति और मजबूत मानी जा रही है।हालांकि, मौजूदा परिषद का कार्यकाल लगभग 13 महीने शेष है। अगले वर्ष प्रस्तावित नगर निगम चुनावों से पहले आचार संहिता लागू होने की संभावना को देखते हुए एल्डरमैन के पास सक्रिय रूप से काम करने के लिए सीमित समय रहेगा।
किसे कितने वित्तीय अधिकार?
नगर निगम में जनप्रतिनिधियों के वित्तीय अधिकार पहले से तय हैं—
- पार्षद: 50 लाख रुपये प्रतिवर्ष
- एमआईसी सदस्य: 1 करोड़ रुपये
- जोन अध्यक्ष: 10 लाख रुपये
- नगर निगम अध्यक्ष: 5 करोड़ रुपये
- महापौर: 10 करोड़ रुपये
MP News: इसके विपरीत एल्डरमैन को कोई बजट या वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं। उनकी भूमिका केवल विचार-विमर्श और जनहित के मुद्दों को परिषद तक पहुंचाने की होगी।
इन नगर निगमों में हुई नियुक्तियां
सरकार ने भोपाल, उज्जैन, मुरैना, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, कटनी, छिंदवाड़ा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास और रतलाम नगर निगमों में एल्डरमैन नियुक्त किए हैं।
- भोपाल नगर निगम: 12 एल्डरमैन
- अन्य 12 नगर निगम: प्रत्येक में 8-8 एल्डरमैन
वहीं, इंदौर नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति फिलहाल लंबित रखी गई है।
क्या होता है एल्डरमैन?
एल्डरमैन ऐसे नामनिर्दिष्ट सदस्य होते हैं जिन्हें राज्य सरकार नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियुक्त करती है। उनका उद्देश्य परिषद को अनुभव, सुझाव और जनहित के मुद्दों पर मार्गदर्शन देना होता है। हालांकि, वे निर्वाचित पार्षदों की तरह विकास कार्यों के लिए बजट खर्च करने या वित्तीय निर्णय लेने के अधिकार नहीं रखते।







