Social Media Objectionable Post: रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में सोशल मीडिया पर भड़काऊ, जातिगत और धार्मिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती विवादित और नफरती पोस्ट को गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस ने एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) ऋतु उपाध्याय ने साफ चेतावनी दी है कि सांप्रदायिक सौहार्द्र और सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यूट्यूबर पर मामले के बाद बढ़ा पुलिस का पहरा हाल ही में रीवा के सिविल लाइन थाने में एक यूट्यूबर मनीष पटेल के खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने को लेकर एक आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न जातियों और संप्रदायों के लोगों द्वारा लगातार एक-दूसरे के खिलाफ भड़काऊ और अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही थीं। शांति व्यवस्था भंग होने और कानून व्यवस्था के सामने संकट खड़ा होने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। पुलिस की साइबर सेल अब हर संदिग्ध प्रोफाइल पर पैनी नजर रख रही है।
अपराधी और वर्दी की कोई जाति नहीं होती मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संविधान की प्रस्तावना ‘हम भारत के लोग’ का हवाला देते हुए देश की अखंडता और एकता को सर्वोपरि बताया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता और न ही कानून की रक्षा करने वाली वर्दी की कोई जाति होती है। जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा और समाज में नफरत का बीज बोने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बाहरी राज्यों के उपद्रवियों पर भी कसेगा शिकंजा नगर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ऋतु उपाध्याय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि अन्य राज्यों में बैठे कुछ लोग सोशल मीडिया पर जानबूझकर भड़काऊ पोस्ट डाल रहे हैं। ये लोग रीवा और मध्य प्रदेश के स्थानीय लोगों को टैग कर रहे हैं ताकि यहां का जमीनी माहौल खराब किया जा सके। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि हमारी साइबर सेल पूरी तरह सक्रिय है और डिजिटल माध्यम से नफरत फैलाने वाला आरोपी चाहे देश के किसी भी कोने में बैठा हो, उसे ट्रैक कर कानूनी दायरे में लाया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी जाति या धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट न करें और न ही ऐसी पोस्ट को आगे शेयर करें।








