Barwani Farmer Innovation: भीषण गर्मी में पपीता फसल बचाने किसान की अनोखी पहल, 7 हजार पौधों पर बनाया क्रॉप कवर शेड

Anuj Nirala

Barwani Farmer Innovation: बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के करी गांव के एक प्रगतिशील किसान ने भीषण गर्मी और लू से अपनी पपीता फसल को बचाने के लिए अनोखी तकनीक अपनाई है। किसान सचिन मुकाती ने अपने सात एकड़ खेत में लगे करीब 7 हजार पपीता पौधों की सुरक्षा के लिए क्रॉप कवर और बांस की खपच्चियों से विशेष शेड तैयार किया है। यह नवाचार क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है।

गर्मी और लू से फसल को बचाने की पहल

Barwani Farmer Innovation:निमाड़ अंचल में इन दिनों तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में किसान सचिन मुकाती ने पपीता के नाजुक पौधों को सुरक्षित रखने के लिए क्रॉप कवर तकनीक का सहारा लिया है।

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Barwani Farmer Innovation:उन्होंने पौधों के चारों ओर बांस और पतली लकड़ियों का ढांचा तैयार कर उस पर नॉन-वोवन प्लास्टिक क्रॉप कवर लगाया है। यह कवर पौधों को सीधी धूप, तेज हवा और आंधी से बचाने का काम कर रहा है।

कीट और बीमारियों से भी मिल रही सुरक्षा

Barwani Farmer Innovation:किसान के अनुसार यह तकनीक केवल गर्मी से ही नहीं बल्कि कई प्रकार के हानिकारक कीटों और वायरस जनित रोगों से भी फसल की रक्षा कर रही है। क्रॉप कवर की वजह से सफेद मक्खी, थ्रिप्स और एफिड्स जैसे कीट पौधों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते, जिससे रोगों का खतरा काफी कम हो जाता है।

पानी की बचत और बेहतर उत्पादन

Barwani Farmer Innovation:क्रॉप कवर का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। परिणामस्वरूप सिंचाई की जरूरत कम होती है और पानी की बचत होती है। किसान प्रतिदिन लगभग दो घंटे ड्रिप सिंचाई के माध्यम से फसल को पानी देते हैं।

कम लागत में बेहतर सुरक्षा

Barwani Farmer Innovation:सचिन मुकाती बताते हैं कि पपीते का एक पौधा लगभग 15 रुपये का पड़ता है, जबकि उसकी सुरक्षा के लिए 4 से 5 रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाते हैं। यह छोटा निवेश फसल को बड़े नुकसान से बचाने में मददगार साबित हो रहा है।

7 से 10 महीने में तैयार होती है फसल

Barwani Farmer Innovation:पपीता की फसल सामान्यतः 7 से 10 महीने में तैयार हो जाती है। यदि बाजार में अच्छे दाम मिलें तो किसान को प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो सकती है।

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देशभर में है बड़वानी के पपीते की मांग

Barwani Farmer Innovation:बड़वानी का पपीता अपनी मिठास, स्वाद और गुणवत्ता के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां उत्पादित पपीता मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित देश की राजधानी दिल्ली तथा महाराष्ट्र के प्रमुख बाजारों तक पहुंचता है। इसके अलावा खरगोन, धार, देवास और खंडवा जैसे जिलों में भी इसकी अच्छी मांग है।

Barwani Farmer Innovation:किसान सचिन मुकाती का यह प्रयोग आधुनिक खेती और फसल संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है, जो बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच किसानों के लिए नई राह दिखा रहा है।

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