Bastar Development:सुकमा। कभी नक्सल प्रभाव और पहुंचविहीनता के कारण मुख्यधारा से कटे रहे कोंटा विकासखंड के गांव अब विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। इसी बदलाव को जमीन पर देखने और विकास कार्यों को गति देने के लिए कलेक्टर Amit Kumar और जिला पंचायत CEO Mukund Thakur ने शुक्रवार को भेज्जी, मैलापुर, दंतेशपुरम, बुर्कलंका, गछनपल्ली, बोदराजपदर और डब्बाकोंटा जैसे धुर नक्सल प्रभावित रहे गांवों का ऐतिहासिक दौरा किया।
Bastar Development:उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्तों से मोटरसाइकिल पर सफर करते हुए अधिकारियों का काफिला जब गांवों तक पहुंचा तो ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर को अपने गांव में देखकर उन्हें विश्वास हुआ कि विकास अब सचमुच उनके दरवाजे तक पहुंच रहा है।
‘सुशासन परिसर’ बना ग्रामीण विकास का नया मॉडल
Bastar Development:दौरे के दौरान अधिकारियों ने बुर्कलंका में निर्माणाधीन सुशासन परिसर का निरीक्षण किया। घने जंगलों के बीच विकसित किए जा रहे इस परिसर में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, पीडीएस केंद्र और सामुदायिक भवन को एक ही परिसर में शामिल किया गया है।
Bastar Development:कलेक्टर अमित कुमार ने इस पहल को ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट मॉडल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद
Bastar Development:मैलासुर पंचायत में आयोजित सुशासन शिविर के दौरान अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों, सरपंचों, मुखियाओं और पटेलों से सीधा संवाद किया। इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनी गईं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मिला बड़ा विस्तार
Bastar Development:दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
Bastar Development:भेज्जी पंचायत में नए उप स्वास्थ्य केंद्र को प्रशासनिक स्वीकृति।
मैलासुर में उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश।
गछनपल्ली में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए स्टाफ क्वार्टर की मंजूरी।इन फैसलों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और बेहतर होने की उम्मीद है।
शिक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
Bastar Development:बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए दंतेशपुरम में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन को बारिश से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश जारी किए गए।
पेयजल, कृषि और आजीविका को मिलेगा नया सहारा
Bastar Development:ग्रामीणों की मांग पर मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए मैलासुर और दंतेशपुरम में तालाबों का चिन्हांकन किया गया तथा मछली बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
Bastar Development:इसके अलावा—दंतेशपुरम में नए डैम और तालाब निर्माण की स्वीकृति।
पानी टंकी निर्माण के लिए क्रेडा विभाग को निर्देश।
मैलासुर और बोदराजपदर में नए हैंडपंप और बोरिंग की मंजूरी।
जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश।
अब सड़क से जुड़ेंगे दूरस्थ गांव
Bastar Development:बस्तर के विकास में वर्षों से सबसे बड़ी चुनौती रही सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम उठाए गए हैं। कलेक्टर ने बोदराजपदर, मैलासुर, दंतेशपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका को मुख्य सड़क मार्गों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत प्रस्ताव तैयार करने और शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
READ MORE: CG कांग्रेस में नई खींचतान! दीपक बैज-टीएस सिंहदेव के बयान से मचा घमासान, BJP ने भी लिया मजा
‘अंतिम छोर तक पहुंचेगा विकास’
Bastar Development:कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके गांवों तक विकास की हर सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सड़क, पुल-पुलिया और जल जीवन मिशन से जुड़े सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
Bastar Development:यह दौरा केवल निरीक्षण भर नहीं था, बल्कि उन गांवों के लिए एक संदेश भी था कि अब विकास की रोशनी बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंच रही है।









