Harda Crime News: हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के अंतर्गत आने वाले सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी के तीन अलग-अलग मामलों का एक साथ बड़ा खुलासा किया है। पुलिस टीम ने इन वारदातों में शामिल तीन शातिर आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई बड़ी रकम (नगदी) और कीमती सामान भी बरामद कर लिया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शुक्रवार को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से माननीय कोर्ट के आदेश पर उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया है।
किसान के इंदौर जाते ही वफादार नौकर ने घर में मार दिया डाका
चोरी के पहले और मुख्य मामले की जानकारी देते हुए सिविल लाइन थाना के सब इंस्पेक्टर (एसआई) संदीप यादव ने बताया कि बीते 18 मई को ग्राम डोमनमऊ निवासी किसान भरत विश्नोई के सूने घर को निशाना बनाकर चोरी की गई थी। अज्ञात शातिर बदमाश घर की अलमारी से डेढ़ लाख रुपए नकद और सोने की चमचमाती चेन चोरी कर रफूचक्कर हो गए थे। वारदात के समय पीड़ित किसान भरत विश्नोई किसी निजी काम से इंदौर गए हुए थे, जबकि घर में केवल उनके वृद्ध माता-पिता और पत्नी मौजूद थे, जो दूसरे कमरों में सो रहे थे। जब पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की विवेचना शुरू की, तो संदेह की सुई किसान के यहां ही काम करने वाले एक मजदूर पर जाकर टिकी।
महंगे शौक पूरे करने के लिए की चोरी, पूछताछ में कबूले अन्य अपराध
पुलिस ने जब संदेह के आधार पर भरत विश्नोई के यहां मजदूरी करने वाले विष्णु (निवासी मोजवाड़ी) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे मालिक के इंदौर जाने और घर में रखी नगदी की पूरी जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी विष्णु चोरी की इस बड़ी रकम को अपने महंगे शौक पूरे करने और अय्याशी में उड़ा रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब विष्णु से सघन पूछताछ की गई, तो उसने शहर में हुई अन्य चोरियों के राज भी उगलना शुरू कर दिए। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कुछ दिनों पहले शहर के प्रसिद्ध साईं मंदिर के पास से एक मोटरसाइकिल भी चोरी की थी, लेकिन बीच रास्ते में पेट्रोल खत्म हो जाने के कारण उसने बाइक को सीताराम गार्डन के पास लावारिस छोड़ दिया था।
कन्फेक्शनरी दुकान का शटर तोड़ने वाले साथी भी चढ़े पुलिस के हत्थे
आरोपी विष्णु ने केवल वाहन चोरी ही नहीं, बल्कि एक दुकान में हुई बड़ी चोरी की वारदात से भी पर्दा उठाया। उसने पुलिस को बताया कि फरवरी माह में उसने अपने दो अन्य साथियों टाटू और गौरीशंकर (दोनों निवासी महेंद्रगांव) के साथ मिलकर बायपास रोड पर स्थित ‘नर्मदा कन्फेक्शनरी’ नामक दुकान को अपना निशाना बनाया था। तीनों ने देर रात दुकान का लोहे का शटर तोड़कर भीतर प्रवेश किया था और गल्ले में रखे करीब 20 हजार रुपए नकद पार कर दिए थे। इस इनपुट के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने तत्काल छापेमारी कर महेंद्रगांव से आरोपी टाटू और गौरीशंकर को भी धरदबोचा।
कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपी भेजे गए जेल
मामले का पूरी तरह पटाक्षेप करते हुए एसआई संदीप यादव ने बताया कि तीनों आरोपियों को वैधानिक रूप से गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की गई राशि और साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। शुक्रवार को तीनों को हरदा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेजने के आदेश जारी कर दिए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड क्या है और क्या इन्होंने क्षेत्र में इस तरह की किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने सिविल लाइन पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।









