Friday, August 21, 2026
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Raipur Education News: पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही,फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट जारी किए बगैर ली सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा, बिना एडमिट कार्ड बैठे छात्र पढ़े पूरी खबर…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय (पीटीआरएसयू) प्रशासन की एक बहुत बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने शुक्रवार को बीकॉम और एमकॉम इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित करा दी। इसके विपरीत, इस कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते कई प्रभावित स्टूडेंट्स के परीक्षा फॉर्म तक जमा नहीं हो पाए थे, जिसके कारण उन्हें भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

बिना एडमिट कार्ड परीक्षा देने पहुंचे छात्र

विश्वविद्यालय की इस गंभीर अनियमितता के कारण शुक्रवार को आयोजित परीक्षा में कई छात्रों को बिना एडमिट कार्ड के ही बैठना पड़ा। नियमानुसार पिछले सेमेस्टर का रिजल्ट जारी होने और परीक्षा फॉर्म भरने के बाद ही रोल नंबर जारी किए जाते हैं। हालांकि, छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने इस पूरी गड़बड़ी और अव्यवस्था के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही लिखित में अवगत कराया था। इसके बावजूद, प्रबंधन की ओर से समय रहते कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

तकनीकी खराबी का हवाला दे रहा प्रबंधन

इस पूरे विवाद और प्रशासनिक लापरवाही पर अब विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी सफाई पेश कर रहा है। प्रबंधन का कहना है कि कुछ गंभीर तकनीकी समस्याओं (टेक्निकल ग्लिच) के कारण समय पर बच्चों के परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन सबमिट नहीं हो सके थे। हालांकि, अब इस तकनीकी समस्या को पूरी तरह हल कर लिया गया है। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दावा किया है कि फर्स्ट सेमेस्टर का अटका हुआ परीक्षा परिणाम आगामी एक से दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जारी कर दिया जाएगा।

नियमों का गणित समझा रहा पीटीआरएसयू प्रशासन

विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा आयोजित कराने के पीछे अपने नियमों का गणित समझाते हुए कहा कि अगर फर्स्ट सेमेस्टर में कोई बच्चा अनुत्तीर्ण (फेल) भी हो जाता है, तो भी उसे सेकंड सेमेस्टर में अपनी पढ़ाई जारी रखने और परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है। प्रबंधन के मुताबिक, यदि कोई स्टूडेंट फर्स्ट और सेकंड दोनों सेमेस्टर में बेहद खराब प्रदर्शन करता है और अंतिम रूप से फेल होता है, केवल तभी उसे थर्ड सेमेस्टर में एंट्री लेने से रोका जा सकता है।

छात्रों में पनप रहा भारी असंतोष

विश्वविद्यालय के इसी नियम और कैलकुलेशन के आधार पर अधिकारियों का कहना है कि फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आने की स्थिति में भी बच्चे सेकंड सेमेस्टर के एग्जाम में शामिल हो सकते हैं। इसके बावजूद, बिना परिणाम जाने और बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा देने को लेकर छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी असंतोष व्याप्त है। अंततः, छात्रों का कहना है कि इस तरह की प्रशासनिक लचर व्यवस्था से उनके भविष्य और शैक्षणिक करियर पर विपरीत असर पड़ता है, जिसे सुधारा जाना बेहद जरूरी है।

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