CG Teachers Meet CM: रायपुर। छत्तीसगढ़ के सहायक और समग्र शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला। इस दौरान शिक्षकों ने वेतन विसंगति, पदोन्नति, टीईटी नियमों में राहत, पुरानी सेवा अवधि की गणना और पेंशन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
CG Teachers Meet CM:फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के हजारों सहायक और समग्र शिक्षक लंबे समय से वेतन असमानता और सेवा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समान कार्य करने के बावजूद कई शिक्षकों को अपेक्षित वेतनमान और सेवा लाभ नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
CG Teachers Meet CM:बैठक में शिक्षकों ने विशेष रूप से वेतन विसंगति के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्राथमिक और अन्य स्तरों पर कार्यरत सहायक शिक्षकों के वेतनमान में सुधार कर उन्हें न्यायोचित लाभ दिया जाना चाहिए। इसके अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से जुड़े नियमों में आवश्यक संशोधन कर शिक्षकों को राहत देने की भी मांग रखी गई।
CG Teachers Meet CM:फेडरेशन ने शिक्षाकर्मी संवर्ग की पूर्व सेवाओं को मान्यता देने, वरिष्ठता निर्धारण में उन्हें शामिल करने तथा समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति का लाभ प्रदान करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनके अनुभव और कार्यकाल के अनुरूप लाभ मिलना चाहिए।
CG Teachers Meet CM:प्रतिनिधिमंडल ने पेंशन संबंधी मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि सेवानिवृत्त और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के मामलों में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।
CG Teachers Meet CM:मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है और नियमानुसार उचित निर्णय लिए जाएंगे।
CG Teachers Meet CM:मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद फेडरेशन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला लेगी। यदि ऐसा होता है तो प्रदेश के हजारों सहायक और समग्र शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है।









