रायपुर: माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी पेपर लीक मामले में रायपुर की कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज कांड में शामिल दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में बेमेतरा जिले के एक शासकीय स्कूल में पदस्थ पीटीआई शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे और उसका साथी विकास सेन शामिल हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पीटीआई शिक्षक ने हाथ से लिखकर तैयार किया गया प्रश्न पत्र महज 3 हजार रुपए में एनएसयूआई नेता को बेचा था।
एनएसयूआई नेता ने उगला राज
इसके पहले पुलिस ने इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड और एनएसयूआई नेता वेणु कुमार जंघेल को गिरफ्तार किया था। कड़ी पूछताछ के दौरान वेणु कुमार ने पुलिस के सामने सारा सच उगल दिया। उसने खुलासा किया कि बेमेतरा जिले के ग्राम बोरतरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल के पीटीआई शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे ने ही उसे यह प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था। जब यह सौदा हो रहा था, तब विकास सेन भी वहां मौजूद था। परिणामस्वरुप पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया।
परीक्षा से 10 घंटे पहले लीक हुआ पर्चा
हालांकि यह पूरा खेल 13 मार्च की रात को ही शुरू हो गया था। परीक्षा से ठीक 10 घंटे पहले टेलीग्राम पर एक इमेज के साथ ‘सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर’ का मैसेज वायरल हुआ था। इस ग्रुप के सदस्यों ने बिना कोई देरी किए सबसे पहले उस इमेज को अपने मोबाइल पर सेव कर लिया। देखते ही देखते महज 15 मिनट के भीतर यह पर्चा 15,000 से अधिक छात्र-छात्राओं के मोबाइल तक पहुंच गया। इस हाथ से लिखे प्रश्न पत्र में कुल 15 सवाल थे और उसका पूरा पैटर्न असली परीक्षा जैसा था।

बड़े अधिकारियों पर लटकी जांच की तलवार
इसके साथ ही अब बेमेतरा जिले के परीक्षा केंद्र प्रभारी और एग्जाम कंट्रोलर की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले से जुड़े कई अहम कड़ियों को आपस में जोड़ा जा रहा है। लापरवाही और मिलीभगत की आशंका को देखते हुए इन बड़े अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच हो रही है। सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली दीपक मिश्रा ने बताया कि मामले में पूछताछ लगातार जारी है। यही कारण है कि आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार लोगों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।









