रायपुर महंगाई संकट अब आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डालने लगा है। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में महंगाई की रफ्तार तेज कर दी है। एक तरफ मकान निर्माण की लागत तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बस किराया बढ़ने की तैयारी ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। डीजल के दाम 125 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचने की आशंका के बीच हर वर्ग की जेब पर दबाव बढ़ गया है।
रायपुर निर्माण लागत बढ़ोतरी के कारण अब घर बनाना आम आदमी के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कुछ समय पहले तक रायपुर में मकान निर्माण का ठेकेदारी रेट 1200 से 1500 रुपए प्रति वर्गफीट था, लेकिन अब यह बढ़कर करीब 1700 रुपए प्रति वर्गफीट तक पहुंच गया है। ठेकेदारों का कहना है कि बढ़ती परिवहन लागत और महंगी निर्माण सामग्री के कारण पुराने रेट पर काम करना संभव नहीं है।
सीमेंट और सरिया ने बिगाड़ा बजट
निर्माण सामग्री महंगाई का असर सबसे ज्यादा सीमेंट, सरिया और रेत के दामों पर दिखाई दे रहा है। पहले 280 से 320 रुपए में मिलने वाली सीमेंट की बोरी अब 350 रुपए तक पहुंच गई है। वहीं सरिया 52 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। रेत, टाइल्स, पेंट, पुट्टी और इलेक्ट्रिक सामान की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है। इससे नए मकान और बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की लागत तेजी से बढ़ रही है।
समय पर नहीं मिल रहा निर्माण मटेरियल
रायपुर बिल्डिंग मटेरियल संकट के कारण कई प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी और बिल्डर्स का कहना है कि बढ़ते डीजल खर्च के चलते ट्रांसपोर्ट महंगा हो गया है, जिससे सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है। देरी की वजह से प्रोजेक्ट लागत और ज्यादा बढ़ रही है।
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बस यात्रियों को लग सकता है बड़ा झटका
छत्तीसगढ़ बस किराया बढ़ोतरी की तैयारी भी अब तेज हो गई है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि लगातार महंगे होते डीजल के कारण बसों का संचालन घाटे का सौदा बनता जा रहा है। इसी वजह से परिवहन विभाग को किराया बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। साधारण बसों के किराए में 50 प्रतिशत और एसी-डीलक्स बसों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की गई है।
रायपुर से दूसरे शहरों का सफर होगा महंगा
रायपुर बस यात्रा महंगी होने का असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है। रायपुर से दुर्ग का किराया 50 रुपए से बढ़कर 75 रुपए हो सकता है। वहीं रायपुर से बिलासपुर का किराया 150 रुपए से बढ़कर 225 रुपए तक पहुंचने की संभावना है। सरायपाली और बलौदाबाजार जैसे रूट्स पर भी यात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है।
मध्यम वर्ग पर बढ़ा आर्थिक दबाव
महंगाई से परेशान जनता के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती बनती जा रही है। घर बनाना, यात्रा करना और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना लगातार महंगा हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डीजल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में महंगाई और तेज हो सकती है।
क्या कह रहे हैं कारोबारी और ट्रांसपोर्टर?
डीजल कीमत असर को लेकर कारोबारियों और बस संचालकों का कहना है कि सरकार को जल्द राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए। उनका मानना है कि ईंधन महंगा होने से सिर्फ ट्रांसपोर्ट ही नहीं बल्कि हर सेक्टर प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है परेशानी
रायपुर महंगाई अपडेट के अनुसार यदि पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी होती है तो निर्माण क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट और बाजार की कीमतों में नया उछाल देखने को मिल सकता है। फिलहाल आम लोग बढ़ती महंगाई के बीच राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।









