आलीराजपुर (मध्य प्रदेश): सरकारी संसाधनों के अपव्यय को रोकने और ईंधन की बढ़ती खपत को सीमित करने की दिशा में आलीराजपुर जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर नीतू माथुर द्वारा जारी किए गए नए प्रशासनिक निर्देशों के तहत जिले में Fuel Conservation Drive लागू की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने के फैसलों से प्रेरणा लेते हुए आलीराजपुर में सरकारी वाहनों के अनावश्यक आवागमन पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया गया है।
अब लागू होगी ‘पूल वाहन व्यवस्था’ (Pool Vehicle System) आदेश के मुताबिक, अब जिले के अधिकारी फील्ड विजिट या दौरों के दौरान अलग-अलग सरकारी गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके बजाय Pool Vehicle System को अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत एक ही रूट पर जाने वाले कई अधिकारी एक ही गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। इसके साथ ही, ईंधन की बर्बादी को रोकने के लिए सभी शासकीय वाहनों की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस कराने के कड़े निर्देश भी दिए गए हैं ताकि तकनीकी खराबी के कारण अतिरिक्त डीजल-पेट्रोल की खपत न हो।
डिजिटल माध्यम से चलेंगी फाइलें (E-Office Digital Movement) प्रशासनिक कामकाज में वाहनों के इस्तेमाल को न्यूनतम करने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। अब विभिन्न विभागों के बीच कागजी फाइलों को लाने-ले जाने के लिए गाड़ियों को दौड़ाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए E-Office Digital Movement और ईमेल व्यवस्था को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।
बैठकों का बदला शेड्यूल और वर्चुअल मोड (Virtual Meeting Protocol) यात्राओं को कम करने के लिए प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में भी बड़ा फेरबदल किया है। अब तक सोमवार को होने वाली समय-सीमा (TL) की बैठक को अब मंगलवार के लिए शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई और टीएल बैठक दोनों के लिए अधिकारियों को बार-बार मुख्यालय न दौड़ना पड़े। इसके अलावा, एक सख्त Virtual Meeting Protocol तैयार किया गया है, जिसके तहत फील्ड स्तर के अधिकारी जैसे एसडीएम (SDM), तहसीलदार और सीडीपीओ (CDPO) भौतिक रूप से उपस्थित होने के बजाय वर्चुअल माध्यम से बैठकों में जुड़ेंगे।









