Friday, October 2, 2026
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दफ्तरों के चक्कर काटता रहा दिव्यांग, खबर के बाद दरगाह ए हकीमी ने बढ़ाया मदद का हाथ

burhanpur-divyang-tricycle-help: बुरहानपुर के ग्राम बोर्सल निवासी दिव्यांग युवक मनोज मधुकर महाजन की चार साल लंबी परेशानी आखिरकार मीडिया में मामला सामने आने के बाद कुछ कम होती नजर आई। ट्राइसाइकिल के लिए वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे मनोज को हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, लेकिन सुविधा नहीं मिल सकी।

मामला उजागर होने के बाद समाजसेवी संस्था दरगाह ए हकीमी इंसानियत की मिसाल बनकर सामने आई। संस्था ने सामाजिक न्याय विभाग को दो नई ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराईं, ताकि जरूरतमंद दिव्यांगों को राहत मिल सके।

burhanpur-divyang-tricycle-help: मनोज का कहना है कि ट्राइसाइकिल उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि जीवन को आगे बढ़ाने का सहारा है। वे पिछले चार वर्षों से कलेक्ट्रेट और सामाजिक न्याय विभाग के लगातार चक्कर लगा रहे थे, लेकिन हर बार उन्हें इंतजार ही करना पड़ा।

दरगाह ए हकीमी संस्था के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ट्राइसाइकिल सौंपी और कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। संस्था का मानना है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

burhanpur-divyang-tricycle-help: इस पूरे मामले ने सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब एक जरूरतमंद दिव्यांग को उसके अधिकार के लिए वर्षों इंतजार करना पड़े, तो यह सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

हालांकि संस्था की पहल ने मनोज के जीवन में नई उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन अब सवाल यह है कि भविष्य में ऐसे जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद मिल पाएगी या नहीं।

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