किराएदार विवाद में मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार मकान मालिक और किराएदार के बीच चल रहे विवाद को निपटाने के नाम पर कोहेफिजा थाने के आरक्षक यशपाल तोमर और एफआरवी के एक ड्राइवर ने किराएदार से पैसों की मांग की थी।पीड़ित ने मामले की शिकायत सीधे भोपाल पुलिस कमिश्नर से की, जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया।
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वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की मॉनिटरिंग शुरू की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि एसीपी शाहजहानाबाद की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। ट्रैप के दौरान ड्राइवर से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
थाना प्रभारी समेत अन्य कर्मियों की भी जांच
इस मामले में सिर्फ आरक्षक और ड्राइवर ही नहीं, बल्कि थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।
विभागीय कार्रवाई की तैयारी
रिश्वतखोरी के इस मामले के सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस कार्रवाई को भोपाल पुलिस की भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है।