rajnandgaon-kidnapping-case: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, उनके कथित अपहरण का प्रयास किया गया, जिसे ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से समय रहते विफल कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

कार में बैठाकर ले जाने का आरोप
मामला सुकुलदेहान क्षेत्र का बताया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दो महिलाएं एक स्कॉर्पियो वाहन से फूलबासन बाई यादव के घर पहुंचीं और उन्हें किसी कार्य का हवाला देकर वाहन में बैठने के लिए कहा। इसके बाद वे उनके साथ कार में बैठ गईं। आरोप है कि इस दौरान उन्हें जबरदस्ती रास्ते में रोके रखने और नेशनल हाईवे की ओर ले जाने की कोशिश की गई।
ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग में खुला मामला
इसी दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस द्वारा नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। जांच के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया। इसी बीच फूलबासन बाई यादव ने पुलिसकर्मियों को इशारे से अपनी स्थिति के बारे में संकेत दिया।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन को कब्जे में लिया और उसमें सवार सभी लोगों को पूछताछ के लिए थाने भेज दिया।
rajnandgaon-kidnapping-case: “मिर्गी का दौरा” बताकर दिया गया बयान
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में कार में मौजूद महिलाओं ने दावा किया कि फूलबासन बाई यादव को स्वास्थ्य संबंधी समस्या (मिर्गी का दौरा) हो रहा था, इसलिए उन्हें रोका गया था। हालांकि, फूलबासन बाई यादव ने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें जबरदस्ती वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा था, जिसके बाद पुलिस को संदेह हुआ।
मुख्य आरोपी पर साजिश का शक
पुलिस जांच में सामने आया है कि बेमेतरा जिले के भौरी गांव की रहने वाली खुशबू साहू नाम की युवती ने कथित रूप से इस पूरी योजना को तैयार किया था। उसके साथ वाहन चालक सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
फिलहाल पुलिस ने दो महिलाओं समेत कुल चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
rajnandgaon-kidnapping-case: जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फूलबासन बाई यादव को किस उद्देश्य से और कहां ले जाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।









