MP News: खरीफ, रबी और मूंग कटाई के दौरान मिलेंगे मजदूर, खेती के मौसम में बंद रहेंगे मनरेगा के काम

No Work Days MP: नो वर्क डेज योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार किसानों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान करने जा रही है। खेती के सीजन में मजदूरों की कमी को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि बोवनी और कटाई के दौरान कुछ समय के लिए मनरेगा के काम बंद रखे जाएंगे। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।

नो वर्क डेज योजना के तहत राज्य सरकार ने खेती के मौसम को तीन हिस्सों में बांटा है। इसमें खरीफ, रबी और मूंग कटाई का समय शामिल है। इन तीनों सीजन के दौरान कुल 60 दिनों तक मनरेगा के कार्य बंद रहेंगे।इस दौरान ग्रामीण मजदूर खेती-किसानी के कार्यों में हिस्सा लेंगे, जिससे किसानों को समय पर श्रमिक उपलब्ध हो सकेंगे।

किसानों की पुरानी परेशानी होगी दूर
हर साल नो वर्क डेज योजना लागू होने से पहले किसानों को बोवनी और कटाई के समय मजदूरों की तलाश में कई गांवों का चक्कर लगाना पड़ता था। मनरेगा में काम मिलने के कारण कई मजदूर खेतों में काम करने नहीं पहुंच पाते थे।नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को समय पर मजदूर मिलने की उम्मीद है, जिससे खेती का काम बिना देरी के पूरा किया जा सकेगा।

खेती पर रहेगा पूरा फोकस
नो वर्क डेज योजना का उद्देश्य खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में श्रमिकों की उपलब्धता बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इससे खेती का काम समय पर पूरा होगा, उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।इसके साथ ही ग्रामीण मजदूरों को भी खेती के माध्यम से रोजगार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।
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किन सीजन में लागू होगी व्यवस्था?
नो वर्क डेज योजना के तहत यह व्यवस्था तीन प्रमुख कृषि सीजन में लागू रहेगी।

  • खरीफ फसल की बोवनी
  • रबी फसल की बोवनी और कटाई
  • मूंग की कटाई

इन्हीं अवधियों के दौरान मनरेगा के कार्यों पर अस्थायी रोक रहेगी ताकि मजदूर कृषि कार्यों में उपलब्ध रह सकें।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
नो वर्क डेज योजना से केवल किसानों को ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। समय पर बोवनी और कटाई होने से फसल उत्पादन बेहतर होगा। साथ ही गांवों में रोजगार का संतुलन भी बना रहेगा।सरकार का मानना है कि इससे खेती और मनरेगा दोनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।

1 जुलाई से होगी शुरुआत
नो वर्क डेज योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध कराना है ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों।यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक बदलाव भी किए जा सकते हैं।

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