ek-din-movie-review: जुनैद खान और साई पल्लवी स्टारर फिल्म ‘Ek Din’ बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है, लेकिन फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती नजर नहीं आती। रोमांस और इमोशन से भरपूर बताई जा रही इस फिल्म की कहानी काफी धीमी और कमजोर दिखाई देती है।

कहानी में नहीं दिखा दम
फिल्म की कहानी एक प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन स्क्रीनप्ले और इमोशनल कनेक्शन दर्शकों को बांधने में सफल नहीं हो पाता। कई जगह फिल्म जरूरत से ज्यादा खिंची हुई महसूस होती है, जिससे दर्शकों का इंटरेस्ट कम हो जाता है।
जुनैद और साई पल्लवी की केमिस्ट्री फीकी
जुनैद खान और साई पल्लवी की जोड़ी से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों के बीच ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री खास असर नहीं छोड़ पाती। साई पल्लवी ने अपने किरदार को ईमानदारी से निभाने की कोशिश की है, वहीं जुनैद भी ठीक-ठाक नजर आते हैं, लेकिन कहानी का कमजोर आधार फिल्म को संभाल नहीं पाता।
संगीत और निर्देशन भी साधारण
फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर औसत लगता है। निर्देशन में भी वह पकड़ नजर नहीं आती, जो एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म को यादगार बना सके। कई दृश्य भावनात्मक असर छोड़ने में नाकाम रहते हैं।
ek-din-movie-review: एक बार देख सकते हैं फिल्म,अगर आप हल्की-फुल्की रोमांटिक फिल्में पसंद करते हैं तो फिल्म को एक बार देखा जा सकता है, लेकिन यह लंबे समय तक याद रहने वाली फिल्म साबित नहीं होती।
कैसी रही ओवरऑल फिल्म?
कहानी : कमजोर
स्क्रीनप्ले : धीमा
एक्टिंग : औसत
म्यूजिक : साधारण
मनोरंजन : सीमित
ek-din-movie-review: कुल मिलाकर ‘Ek Din’ एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आती है, जिसे देखने के कुछ समय बाद ही दर्शक शायद भूल जाएं।











