निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के बीच दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर बड़ा विवाद सामने आया है। बीजेपी उम्मीदवार देबांशु पांडा ने आरोप लगाया है कि 177 नंबर बूथ पर EVM में बीजेपी के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप लगाया गया था, जिससे मतदाता प्रभावित हो सकते थे।
देबांशु पांडा मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें EVM मशीन की जांच करने की अनुमति नहीं दी गई। मामले के सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान कराया जा सकता है।
केंद्रीय बलों का लाठीचार्ज, इलाके में तनाव
फाल्टा क्षेत्र के बेलसिंघा स्थित 186 नंबर बूथ पर भी तनावपूर्ण स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। भीड़ हटाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए मतदान प्रक्रिया जारी रहने की बात कही।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | On the Falta incident, where the BJP is alleging that their election symbol was taped over at a polling booth, LoP and BJP candidate from Bhabanipur and Nandigram, Suvendu Adhikari, says, “We are also monitoring and will do what is required.… pic.twitter.com/8BLsSSrcXT
— ANI (@ANI) April 29, 2026
सुवेंदु अधिकारी ने अमित शाह को दी जानकारी
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर घटना की जानकारी ली।
सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक उन्होंने शाह को फाल्टा की स्थिति से अवगत कराया और कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर कार्रवाई की मांग की गई है।
अमित मालवीय ने TMC पर साधा निशाना
बीजेपी आईटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि फाल्टा सीट से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के प्रभाव वाले इलाकों में EVM के जरिए वोटिंग प्रभावित करने की कोशिश की गई।
उन्होंने दावा किया कि “डायमंड हार्बर मॉडल” के तहत चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की रणनीति अपनाई जा रही है। मालवीय ने कहा कि बीजेपी इस मामले को गंभीरता से उठा रही है और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने की मांग कर रही है।
चुनाव आयोग की नजर पूरे घटनाक्रम पर
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है। आयोग ने कहा कि यदि तकनीकी या प्रक्रियागत गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई के साथ दोबारा मतदान भी कराया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान पहले से ही सुरक्षा, हिंसा और EVM खराबी के मुद्दे चर्चा में हैं। ऐसे में फाल्टा का यह नया विवाद चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा गया है।











