Indian Aviation Crisis 2026 : नई दिल्ली: भारतीय विमानन उद्योग इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस’ (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक आपातकालीन पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि उद्योग पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। FIA के अनुसार, विमानन कंपनियां भारी वित्तीय दबाव में हैं और कभी भी अपनी उड़ानें रोक सकती हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध और ATF की कीमतों ने कमर तोड़ी: FIA ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि ‘पश्चिम एशिया में जारी युद्ध’ (West Asia War) के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी और इसके चलते विमान ईंधन (ATF) के दाम आसमान छूने से कंपनियां घाटे में डूब गई हैं। ईंधन की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि ने परिचालन लागत को इतना बढ़ा दिया है कि अब एयरलाइंस को सामान्य कामकाज जारी रखना असंभव लग रहा है।
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार: विमानन क्षेत्र ने सरकार से ईंधन करों में कटौती और तत्काल राहत पैकेज की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो घरेलू उड़ानों के किराये में भारी वृद्धि हो सकती है या कई एयरलाइंस दिवालिया होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। देश की आर्थिक कनेक्टिविटी के लिए इस सेक्टर का चालू रहना बेहद जरूरी है।











