निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में राजनीति और नौकरशाही के बीच टकराव का मामला अब और ज्यादा चर्चाओं में आ गया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ IAS अरविंद शाह के बीच विवाद में अब एक महिला कर्मचारी की शिकायत ने नया मोड़ ला दिया है। मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंच चुका है।
मंत्री पर लगे थे अफसर को धमकाने के आरोप
दरअसल, IAS एसोसिएशन की ओर से आरोप लगाया गया था कि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने IAS अधिकारी अरविंद शाह को अपने बंगले पर बुलाकर कथित रूप से धमकाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री ने उनके चयन और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। साथ ही मानसिक दबाव बनाने और प्रताड़ित करने के आरोप भी सामने आए।
इस घटनाक्रम के बाद IAS एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया।
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मुख्यमंत्री स्तर पर हुई बैठक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्री राकेश सिंह और IAS एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विवाद सुलझाने की कोशिश की। IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष और ACS मनु श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों से चर्चा कर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित होने की बात कही जा रही है।
महिला कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप
इसी बीच पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब जबलपुर स्मार्ट सिटी में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत दिलप्रीत भल्ला ने IAS अधिकारी अरविंद शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला कर्मचारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि अधिकारी ने उन्हें अपने केबिन में बुलाकर अभद्र व्यवहार किया।
महिला के मुताबिक, बातचीत के दौरान उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और जातिगत टिप्पणियां भी की गईं। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
सियासी और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा
मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर मंत्री और IAS अधिकारी के बीच विवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिला कर्मचारी की शिकायत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की जांच और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।











