निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओबीसी बॉयज हॉस्टल परिसर में मंगलवार दोपहर एक तोता पेड़ पर बैठ गया था, जिसे नीचे उतारने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुला ली गई।
फायर ब्रिगेड से किया गया ‘रेस्क्यू’
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले कुछ लोगों ने तोते को उतारने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। इसके बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और तेज पानी की धार पेड़ पर डाली गई। पानी की बौछार के बाद तोता नीचे आ गया और उसे पकड़ लिया गया।
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हजारों लीटर पानी की बर्बादी का आरोप
इस पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर हजारों लीटर पानी का उपयोग किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि बाद में पता चला कि यह तोता किसी अधिकारी का पालतू था, जिसके कारण फायर ब्रिगेड को बुलाया गया था।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि जब प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और पानी की कमी है, ऐसे समय में इस तरह सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है।
प्रशासन पर उठे सवाल
फायर ब्रिगेड आमतौर पर आग बुझाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए होती है, लेकिन इस घटना ने इसके दुरुपयोग पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित अधिकारी कौन हैं, जिनके पालतू तोते के लिए यह कार्रवाई की गई।











