Asha Bhosle : नई दिल्ली : भारत की दिग्गज पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अपनी अनूठी और बहुमुखी आवाज़ के लिए जानी जाने वाली आशा भोसले ने हिंदी सिनेमा और भारतीय संगीत जगत में एक अलग ही पहचान बनाई थी। उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर है और संगीत जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है।
Asha Bhosle : बताया जा रहा है कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, विशेष रूप से सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को मुंबई के लोअर परेल स्थित उनके निवास कासा ग्रांडे में रखा गया, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग, प्रशंसक और फिल्म जगत की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं।
उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाना तय किया गया। इस दौरान कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। Sachin Tendulkar भी नम आंखों से उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उनके अलावा Amitabh Bachchan, Javed Akhtar, Shatrughan Sinha, Anuradha Paudwal, Rakesh Roshan, Tabu, Riteish Deshmukh और A R Rahman सहित कई दिग्गजों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
राजनीतिक जगत से भी कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। Ram Nath Kovind ने उनके निधन को भारतीय संगीत के लिए बड़ी क्षति बताया और कहा कि उनकी आवाज़ और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और अन्य नेताओं ने भी उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं, महाराष्ट्र के राज्यपाल Jishnu Dev Varma भी उनके निवास पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मशहूर गायिका Asha Bhosle के निधन पर देशभर में शोक की लहर है.इसी कड़ी में अभिनेत्री Reman Kakkar ने भी आशा ताई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है…रेमन कक्कड़ ने कहा कि… आशा भोसले का जाना म्यूजिक इंडस्ट्री के एक पूरे युग का अंत है…उनकी आवाज़ और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे…उन्होंने कहा कि… आशा ताई जैसी महान कलाकार सदियों में एक बार जन्म लेती हैं…और उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा…
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वह प्रसिद्ध संगीतकार Deenanath Mangeshkar की पुत्री थीं और उन्हें बचपन से ही संगीत की शिक्षा मिली। उनकी बड़ी बहन Lata Mangeshkar भी भारतीय संगीत जगत की महान गायिका रही हैं। इस तरह उनका पूरा परिवार संगीत से गहराई से जुड़ा रहा।
महज 16 वर्ष की आयु में उन्होंने गणपतराव भोसले से विवाह किया था। बाद में उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार R D Burman से शादी की, जिनके साथ उनकी जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए। उनके परिवार में बेटे आनंद भोसले सहित पोते-पोतियां हैं, जो उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
अपने सात दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा भोसले ने 12,000 से ज्यादा गीतों को अपनी आवाज दी। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कई विदेशी भाषाओं में भी गाने गाए। उनकी गायकी की खासियत यह थी कि वह हर तरह के गीत—चाहे रोमांटिक हो, ग़ज़ल हो, पॉप हो या कैबरे—उन्हें पूरी सहजता और भावनात्मक गहराई के साथ गा सकती थीं।
उनके कुछ सबसे लोकप्रिय गीतों में “अभी न जाओ छोड़ कर”, “इन आंखों की मस्ती”, “दिल चीज क्या है”, “पिया तू अब तो आजा”, “दुनिया में लोगों को” और “जरा सा झूम लूं मैं” जैसे गाने शामिल हैं। इन गीतों ने उन्हें हर पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाए रखा।
आशा भोसले को उनके अद्वितीय योगदान के लिए कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें Dadasaheb Phalke Award, Padma Vibhushan और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके अलावा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी उनका नाम दुनिया में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिका के रूप में दर्ज है।
सिर्फ संगीत ही नहीं, आशा भोसले एक सफल उद्यमी भी थीं। उन्होंने दुबई और ब्रिटेन में “आशा” नाम से रेस्तरां चेन शुरू की, जो काफी लोकप्रिय रही। इस तरह उन्होंने कला और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।
उनके निधन के बाद देशभर में श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। मुंबई की सड़कों पर उनके सम्मान में ग्रैफिटी और म्यूरल बनाए जा रहे हैं। उनके घर के बाहर प्रशंसकों की भीड़ लगातार उमड़ रही है, जो उन्हें अंतिम विदाई देने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने पहुंच रही है।
फिल्म और संगीत जगत के कई कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि आशा भोसले का जाना एक युग का अंत है। Amitabh Bachchan ने अपने संदेश में लिखा कि वह एक असाधारण और अद्भुत कलाकार थीं, जिनकी आवाज हमेशा अमर रहेगी। वहीं Javed Akhtar ने कहा कि उन्होंने संगीत का एक विशाल खजाना पीछे छोड़ा है, जो हमेशा जीवित रहेगा।
Asha Bhosle : आशा भोसले की विरासत सिर्फ उनके गीतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी आवाज में जो जादू था, वह आज भी लोगों के दिलों में बसता है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
Asha Bhosle : उनका जाना भारतीय संगीत के इतिहास में एक बड़ी क्षति के रूप में याद किया जाएगा, लेकिन उनकी आवाज, उनके गीत और उनका योगदान हमेशा जीवित रहेगा।











