निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में जेल में बंद आरोपी सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जमानत दे दी है। दोनों पर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में वित्तीय अनियमितताओं और अवैध लेन-देन के आरोप हैं।
EOW की चार्जशीट में अहम खुलासे
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने इस मामले में 1033 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। इसमें सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डडसेना समेत कई लोगों का जिक्र किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन सभी पर अवैध शराब कारोबार से जुड़े पैसों के लेन-देन में शामिल होने के आरोप हैं।
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51 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
अब तक EOW इस मामले में 51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत भी पेश किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने अवैध कमाई से रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खरीदी।
केके श्रीवास्तव का बयान
रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आने के बाद केके श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके राजनीतिक नेताओं से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, लेकिन उनका किसी पार्टी से सीधा जुड़ाव नहीं है।
क्या है पूरा मामला
EOW के अनुसार, वर्ष 2018 से 2023 के बीच राज्य में अवैध शराब बिक्री के जरिए बड़े स्तर पर घोटाला हुआ। पहले इस घोटाले की राशि करीब 2174 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा 3200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।जांच में यह भी सामने आया है कि लाखों अवैध शराब पेटियों की बिक्री कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
जांच अभी जारी
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी आरोपियों पर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।











