Sunday, August 30, 2026
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M.P News : बुरहानपुर का बोरसर बना ‘भारत’ का पहला ‘गाली मुक्त गांव’! गाली देने पर जुर्माना

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क (बुरहानपुर): मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले का छोटा सा बोरसर गांव इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। करीब 6 हजार की आबादी वाला यह गांव अब MP का पहला “गाली-गलौच मुक्त गांव” बन गया है। यहां ग्राम पंचायत ने एक अनोखा नियम लागू किया है, जिसके तहत गाली देने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।

गाली देने पर जुर्माना या सफाई की सजा

ग्राम पंचायत बोरसर ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गांव में कोई भी व्यक्ति गाली-गलौच करते पाया गया तो उस पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक घंटे तक गांव की सफाई करनी होगी। यह नियम गांव के हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू है, चाहे वह अमीर हो या गरीब।

संस्कार अभियान की शुरुआत

इस पहल की शुरुआत सरपंच अंतरसिंह, उपसरपंच विनोद शिंदे और अभिनेता व समाजसेवी अश्विन पाटिल ने मिलकर की। अश्विन पाटिल, जो मुंबई में 10 साल बिताने के बाद गांव लौटे, उन्होंने देखा कि छोटी-छोटी गालियां बड़े विवाद का कारण बनती हैं। इसके बाद पंचायत और ग्रामीणों के साथ बैठक कर इस अभियान की शुरुआत की गई।

निगरानी के लिए विशेष टीम

गांव में इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए 20 पंचों की एक टीम बनाई गई है, जो अलग-अलग वार्ड में निगरानी करती है। जगह-जगह नोटिस भी लगाए गए हैं, जिनमें गाली देने पर सजा का स्पष्ट उल्लेख है।

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शिक्षा और इंटरनेट से जुड़ाव

गांव में बच्चों और युवाओं को जागरूक बनाने के लिए एक पुस्तकालय भी खोला गया है, जहां शैक्षणिक और सामान्य ज्ञान की किताबें उपलब्ध हैं। इसके अलावा गांव में चार जगहों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा दी गई है, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ी है।

हरियाली और सेवा की पहल

“हर घर हरियाली” अभियान के तहत ग्रामीणों को पौधे वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही ‘सेवाभाव कक्ष’ भी शुरू किया गया है, जहां जरूरतमंदों को मुफ्त में सामान उपलब्ध कराया जाता है।

बना प्रेरणा का केंद्र

आज बोरसर गांव सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और नवाचार का उदाहरण बन चुका है। यहां के बच्चे अब गाली नहीं, बल्कि संस्कार की भाषा बोलते हैं।

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