MP News: नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। महापौर रानी अग्रवाल के कार्यकाल में लगाए गए तीन वाटर एटीएम में से चौपाटी (वार्ड 40 वैढ़न) में स्थापित वाटर एटीएम करीब तीन साल तक बंद रहने के बाद अब शुरू करने की कवायत की जा रही है। जबकि शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर लगे वाटर एटीएम अब भी बंद पड़े हैं।
जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा आम नागरिकों को सस्ता और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर में तीन स्थानों—मोरवा फल मंडी, ग्रामीण तहसील माजन मोड़ (एसपी कार्यालय के पास) तथा चौपाटी वैढ़न—पर वाटर एटीएम स्थापित किए गए थे। लेकिन रखरखाव और निगरानी के अभाव में ये मशीनें शुरू से ही सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकीं।
MP News:बताया जा रहा है कि मोरवा फल मंडी और ग्रामीण तहसील के पास लगे वाटर एटीएम आज तक चालू नहीं हो सके हैं। उपयोग में न आने के बावजूद मशीनों की मोटर खराब होने की बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए इन वाटर एटीएम का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल की आवश्यकता बढ़ने के बावजूद मशीनों का बंद रहना लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
बंद पड़े वाटर एटीएम को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो और सरकारी धन का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
MP News: गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा तीन वाटर एटीएम के साथ दो स्मार्ट टॉयलेट भी स्थापित किए गए थे। चौपाटी का वाटर एटीएम लंबे समय तक बंद रहने के बाद अब शुरू करने की प्रक्रिया में है। लोगों को उम्मीद है कि मशीनें जल्द चालू होंगी और गर्मी के मौसम में आम नागरिकों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।











